कुंडली के दूसरे भाव का फलादेश

कुंडली के दूसरे भाव का फलादेश द्वितीय भाव परिवार, व्याख्यान, दृष्टि और वित्तीय सम्पन्नता का द्योतक है । द्वितीय भाव के सम्बन्ध में घटनाओं के निर्णय में सभी महत्वपूर्ण बातों को ध्यान में रखना चाहिए अर्थात (क) भाव (ख) भावेश (ग) उसमें स्थित ग्रह (घ) कारक। द्वितीयेश द्वारा अनेक उत्तम Read more

कुंडली में लग्न और लग्नेश का फलादेश

कुंडली में लग्न और लग्नेश का फलादेश लग्नेश का विभिन्न भावों में फल 1. प्रथम भाव में – जातक अपने प्रयास पर जिन्दा रहता है, उसकी स्वतन्त्र विचारधारा होती है, उसकी दो पत्नी होगी या एक विवाहित और दूसरी गैर कानूनी । यदि लग्नाधिपति लग्न में अच्छी स्थिति में हो Read more