लाल किताब के अनुसार पूजा कैसे करनी चाहिए ?

लाल किताब के अनुसार पूजा कैसे करनी चाहिए ? लाल किताब के अनुसार किस को पूजा नहीं करनी चाहिए और कैसे करनी चाहिए ? जैसे दूसरा भाव खाली होने पर और आठवें भाव में कोई ग्रह होने पर घर में Read more

लाल किताब शब्दकोष

ग्रहों की राशियाँ राहु केतु ग्रह छाया ग्रह है इनकी अपनी कोई राशि नहीं होती। राहु केतु जिस राशि में भ्रमण कर रहें होते हैं उस राशि के ग्रह स्वामी का फल करते हैं। ग्रहों की दृष्टियां सूर्य अपने से Read more

लाल किताब किताब की दशाएं

लाल किताब किताब की दशाएं इस ब्रह्माण्ड में 12 राशियां और 27 नक्षत्र है। 7 ग्रह और दो छाया ग्रह है। हर एक ग्रह उपने निर्धारित समय तक प्रत्येक राशि में रह कर अपना चक्र पूरा करता है। जैसे शनि Read more

जो नजर आता है वो होता नहीं

इसके कुछ उदाहरण इस प्रकार है। 1. यदि शनि मेष राशि में हो और मंगल वृश्चिक राशि में हो तो शनि शुभ हो जाएगा। इस कुण्डली में शनि मेष राशि में चौथे खाने में विराजमान है और मंगल ग्यारहवें खाने Read more

लाल किताब से फलादेश करने की विधि

लाल किताब से फलादेश करने की विधि कुण्डली देखने के लिए अत्यन्त आवश्यक है। कुण्डली देखने वाले को इस बात का ज्ञान होना कि कौन सा ग्रह नीच का है। या उच्च का है और हर भाव के बारे में Read more

कुंडली में संतान योग कैसे देखें ?

कुंडली में संतान योग संतान का विचार पंचम भाव, उसके स्वामी, कारक गुरु, नवम भाव तथा नवमेश इन सब द्वारा करना चाहिए। यदि ये सब निर्बल अथवा पापयुक्त व पापदृष्ट हों तो संतान की प्राप्ति नहीं होती । 1. पंचम Read more

कुंड्ली में शिक्षा के योग

कुंड्ली में शिक्षा के योग शिक्षा व ज्योतिष का भी परस्पर विशेष संबंध है। जब हम किसी व्यक्ति की शिक्षा के संबंध में ज्योतिषीय अध्ययन करते हैं तो कुण्डली के लग्न, द्वितीय, चतुर्थ तथा पंचम्‌ भावों के कारक ग्रह सूर्य, Read more

अष्टकूट मिलान यॉ कुण्डली मिलान

अष्टकूट मिलान यॉ कुण्डली मिलान अष्टकूट मिलान हिन्दू ज्योतिष में विवाह के लिए वर-वधू की कुंडलियों का मिलान करने की एक प्रणाली है, जिसमें 8 विभिन्न पहलुओं (कूट) जैसे वर्ण, वश्य, तारा, योनि, गण, भकूट और नाड़ी की जाँच की Read more

कुंडली में करियर कैसे देखे ?

कुंडली में करियर कैसे देखे ? जातक की आजीविका के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए निम्न तथ्यों का अवलोकन करना चाहिए – 1. दशम भाव, दशमेश, बुध (बुद्धि कारक), शनि (कर्म कारक)। 2. भावात-भावम के सिद्धांत के अनुसार Read more

कुंडली में रोग, आयु और दुर्घटना के योग

कुंडली में रोग के योग एकान्तोत्थित रोग योग जब कोई ग्रह अनिष्ट स्थान मे (6/8/12) हो और उस पर किसी शुभ ग्रह का युति अथवा दृष्टि द्वारा प्रभाव न हो तो वह ग्रह “ऐकान्तिक” अर्थात् अकेला कहलाता है और निज Read more