सिंह लग्न का फलादेश
सिंह लग्न का फलादेश सिंह लग्न के जातक आत्मविश्वासी, शाही और प्रभावशाली होते हैं, जो सूर्य द्वारा शासित होते हैं। सूर्य 1. सूर्य स्वयम् लग्नेश है अतः जब बलवान हो अथवा लग्न को देखे तो शुभ होने से बहुत राज्य Read more
सिंह लग्न का फलादेश सिंह लग्न के जातक आत्मविश्वासी, शाही और प्रभावशाली होते हैं, जो सूर्य द्वारा शासित होते हैं। सूर्य 1. सूर्य स्वयम् लग्नेश है अतः जब बलवान हो अथवा लग्न को देखे तो शुभ होने से बहुत राज्य Read more
कर्क लग्न का फलादेश कर्क लग्न के जातक आमतौर पर मृदुभाषी, सबके हितैषी और सत्यप्रिय होते हैं। इनका स्वभाव भावुक होता है । सूर्य 1. द्वितीयाधिपति सूर्य यदि शुभ स्थान में बलवान हो तो खूब धन देगा । 2. यदि Read more
मिथुन लग्न का फलादेश मिथुन लग्न वाले जातक बुद्धिमान, वाक्पटु और कलात्मक स्वभाव के होते हैं, जो बुध ग्रह के प्रभाव के कारण बहुमुखी प्रतिभा के धनी होते हैं। वे जिज्ञासु, उत्साही और सामाजिक होते हैं। संचार के क्षेत्र में Read more
वृष लग्न का फलादेश वृष लग्न के जातक साहसी, धैर्यवान और व्यावहारिक होते हैं, जो भौतिक सुख-सुविधाओं का आनंद लेते हैं। इनके व्यक्तित्व में आकर्षण और वाक्पटुता होती है और ये कला, संगीत और साहित्य में रुचि रखते हैं। ये Read more
मेष लग्न का फलादेश मेष लग्न वाले जातक साहसी, अभिमानी और स्वाभाविक नेतृत्व क्षमता वाले होते हैं, जो किसी भी पहल को करने के लिए तैयार रहते हैं। उनका स्वभाव स्पष्टवादी और जिद्दी हो सकता है, लेकिन वे दयालु और Read more
कुंडली में राहु का फलादेश 1. राहु राजनीति, फिल्म लाईन में बहुत महत्वपूर्ण ग्रह है। 2. राहु योगों और दुर्योगों के प्रभाव को बढा देता है। 3. किसी जातक के लिए राहु बुध, शुक्र, शनि की राशियों में बैठा हो Read more
1. जो भाव अपने स्वामी द्वारा दृष्ट हो तथा उस भाव पर शुभ दृष्टि भी हो तो स्वामी द्वारा दृष्ट भाव की बहुत वृद्धि होती है। 2. जब किसी शुभ भाव (लग्न, द्वितीय, चतुर्थ, पंचम, सप्तम, नवम, दशम) का स्वामी Read more
अमला योग परिभाषा – (1) चन्द्रमा जिस राशि पर बैठा हो, उससे दसवें स्थान पर यदि शुभ ग्रह बैठा हो तो अमला योग होता है। (2) यदि लग्न से दसवें स्थान पर शुभ ग्रह हो तो भी अमला योग माना Read more
कुंडली में सूर्य से बनने वाले योग वासी योग परिभाषा – चन्द्रमा के अतिरिक्त कोई भी ग्रह या कई ग्रह सूर्य से बारहवें स्थान में विद्यमान हों तो वासी योग होता है। फल – वासी योग में जन्म लेने वाला Read more
ज्योतिष शास्त्र में ‘पंच महापुरुष योग’ वर्णित है । इन पाँचों में से कोई एक योग होने पर भी जातक महापुरुष होता है एवं देश-विदेश में कीर्ति लाभ करता है । इन पाँच योगों के नाम हैं-रुचक, भद्र, हंस, मालव्य Read more