जो नजर आता है वो होता नहीं
इसके कुछ उदाहरण इस प्रकार है। 1. यदि शनि मेष राशि में हो और मंगल वृश्चिक राशि में हो तो शनि शुभ हो जाएगा। इस कुण्डली में शनि मेष राशि में चौथे खाने में विराजमान है और मंगल ग्यारहवें खाने Read more
इसके कुछ उदाहरण इस प्रकार है। 1. यदि शनि मेष राशि में हो और मंगल वृश्चिक राशि में हो तो शनि शुभ हो जाएगा। इस कुण्डली में शनि मेष राशि में चौथे खाने में विराजमान है और मंगल ग्यारहवें खाने Read more
लाल किताब से फलादेश करने की विधि कुण्डली देखने के लिए अत्यन्त आवश्यक है। कुण्डली देखने वाले को इस बात का ज्ञान होना कि कौन सा ग्रह नीच का है। या उच्च का है और हर भाव के बारे में Read more
कुंडली में संतान योग संतान का विचार पंचम भाव, उसके स्वामी, कारक गुरु, नवम भाव तथा नवमेश इन सब द्वारा करना चाहिए। यदि ये सब निर्बल अथवा पापयुक्त व पापदृष्ट हों तो संतान की प्राप्ति नहीं होती । 1. पंचम Read more
कुंड्ली में शिक्षा के योग शिक्षा व ज्योतिष का भी परस्पर विशेष संबंध है। जब हम किसी व्यक्ति की शिक्षा के संबंध में ज्योतिषीय अध्ययन करते हैं तो कुण्डली के लग्न, द्वितीय, चतुर्थ तथा पंचम् भावों के कारक ग्रह सूर्य, Read more
अष्टकूट मिलान यॉ कुण्डली मिलान अष्टकूट मिलान हिन्दू ज्योतिष में विवाह के लिए वर-वधू की कुंडलियों का मिलान करने की एक प्रणाली है, जिसमें 8 विभिन्न पहलुओं (कूट) जैसे वर्ण, वश्य, तारा, योनि, गण, भकूट और नाड़ी की जाँच की Read more
कुंडली में करियर कैसे देखे ? जातक की आजीविका के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए निम्न तथ्यों का अवलोकन करना चाहिए – 1. दशम भाव, दशमेश, बुध (बुद्धि कारक), शनि (कर्म कारक)। 2. भावात-भावम के सिद्धांत के अनुसार Read more
कुंडली में रोग के योग एकान्तोत्थित रोग योग जब कोई ग्रह अनिष्ट स्थान मे (6/8/12) हो और उस पर किसी शुभ ग्रह का युति अथवा दृष्टि द्वारा प्रभाव न हो तो वह ग्रह “ऐकान्तिक” अर्थात् अकेला कहलाता है और निज Read more
कुंडली में विवाह योग जातक के वैवाहिक जीवन की जानकारी के लिए हमें सप्तम भाव, सप्तमेश और कारक ग्रह (पुरुष – शुक्र, महिला – गुरु) का अध्ययन करना चाहिए। ये सब जितनी अधिक अच्छी स्थिति में होगे वैवाहिक जीवन उतना Read more
मीन लग्न का फलादेश मीन लग्न में जन्मे व्यक्ति धार्मिक बुद्धि से ओतप्रोत, मेहमान प्रिय, सामाजिक अच्छाईयों व नियमों का पालन करने वाले होते है। ऐसे जातक आस्तिक एवं ईश्वर के प्रति श्रद्धावान होते हैं तथा सामाजिक रूढ़ियों का कट्टरता Read more
कुम्भ लग्न का फलादेश कुम्भ लग्न के जातक आमतौर पर आकर्षक, दयालु, कल्पनाशील और बौद्धिक होते हैं। वे व्यवहारिक और उदार होते हैं, सामाजिक रूप से सक्रिय रहते हैं, और अपनी निष्पक्षता और खुले विचारों के कारण सफलता प्राप्त कर Read more