प्रश्न कुंडली से कार्य सिद्धि का विचार

प्रश्न ज्योतिष, ज्योतिष की वह विधा है जिसमें जातक के प्रश्न पूछने के समय और स्थान के आधार पर कुंडली बनाई जाती है और उसके आधार पर फलादेश किया जाता है। यह जन्म समय/तिथि न होने पर भी काम करती है और तत्कालीन ग्रहों की स्थिति के अनुसार कैरियर, विवाह, स्वास्थ्य या अन्य सवालों का तात्कालिक व सटीक उत्तर देती है।

इसमें लग्न, चंद्रमा, और प्रश्न से संबंधित भाव (जैसे 7वां विवाह के लिए, 10वां करियर के लिए) का विश्लेषण किया जाता है।

यदि केंद्र (1, 4, 7, 10) या त्रिकोण (5, 9) में शुभ ग्रह हों, लग्न बली हो, लग्न पर शुभ ग्रहों (गुरु, शुक्र) की दृष्टि हो और चंद्रमा की अच्छी स्थिति कार्य में सफलता का संकेत देती है।

कार्य सिद्धि के मुख्य ज्योतिषीय संकेत

1. प्रश्न के समय बना लग्न और उसका स्वामी (लग्नेश) यदि बली और शुभ हो, तो कार्य में सफलता मिलती है।

2. लग्नेश का अपने भाव में बैठना या उसे देखना शुभ होता है।

3. चर लग्न (मेष, कर्क, तुला, मकर) में प्रश्न और लग्नेश का होना कार्य सिद्धि के लिए अच्छा माना जाता है, जबकि स्थिर लग्न बाधाएँ दे सकता है।

4. यदि चंद्रमा लग्न, लग्नेश या कारक ग्रह को देखता है, तो कार्य में शीघ्रता और सफलता मिलती है।

5. चंद्रमा का पीड़ित या 6, 8, 12वें भाव में होना कार्य सिद्धि में बाधा डालता है।

6. जिस विषय पर प्रश्न है, उससे जुड़ा कारक ग्रह यदि शुभ और बलवान हो, तो कार्य सिद्ध होता है।

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7. यदि प्रश्न भाव पर बृहस्पति, शुक्र, बुध जैसे शुभ ग्रहों की दृष्टि हो तो कार्य सिद्ध होती है।

8. पाप ग्रहों (शनि, मंगल, राहु, केतु) का 6, 8, 12वें भाव में या प्रश्न भाव पर प्रभाव बाधाएँ और असफलता दर्शाता है।

प्रश्न कुंडली से कार्य सिद्धि का विचार, prashan kundali se karya siddhi

कार्य सिद्धि का  समय निर्धारण करने की विधि

पहले प्रश्न कुंडली से ये तय कर ले की कार्य पूरा होगा कि नहीं। यदि कार्य सिद्धि दिखती है तो समय का निर्धारण नीचे दी हुई विधि से करें।

1. प्रश्न लग्न देखें।

2. लग्न का नवमांश देखें।

3. लग्न नवमांश का स्वामी ग्रह के अनुसार समय की अवधि जानें।

4. नवमांश लग्न के स्वामी के आधार पर निम्नलिखित समय इकाइयों का उपयोग करें:

  • सूर्य: अयन (6 महीनों) के गुणक।
  • चंद्र: क्षण (1.6 मिनटों) के गुणक।
  • मंगल: दिनों के गुणक।
  • बुध: ऋतुओं के गुणक (लगभग 3 महीने प्रति ऋतु)।
  • बृहस्पति: महीनों के गुणक।
  • शुक्र: पक्ष/पखवाड़ा (15 दिनों) के गुणक।
  • शनि: वर्षों के गुणक।

5. प्रश्न कुंडली में लग्न की डिग्री समय की भविष्यवाणी का सटीक गुणक देगी।

उदाहरण: प्रश्न लग्न मेष राशि में 11° पर है। लग्न कर्क नवमांश में पड़ा, जिसका स्वामी चंद्र है।

  • कार्य सिद्धि 1.6 मिनटों के गुणक में होगी।
  • लग्न की 11° डिग्री के कारण, घटना के पूर्ण होने का अनुमानित समय ~11*1.6 = 17.6 मिनट है।

प्रश्न कुंडली से लापता व्यक्ति की जानकारी

प्रश्न कुंडली के अनुसार, लापता व्यक्ति के वापसी की संभावना पता लगाई जा सकती है।

  • चंद्रमा का लग्न या चतुर्थ भाव में होना व्यक्ति की जल्द वापसी का संकेत देता है।
  • यदि चंद्रमा सातवें भाव में हो, तो व्यक्ति के सुरक्षित होने और वापस लौटने की संभावना होती है।
  • शुभ ग्रहों का केंद्र में होना और चंद्रमा का अष्टम भाव में होना, व्यक्ति के वापस लौटने की पुष्टि करता है।
  • यदि चौथे या सातवें भाव में राहु, केतु, या शनि जैसे पापी ग्रह हैं, तो वापसी में विलंब या अनहोनी का संकेत हो सकता है।

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