इसके कुछ उदाहरण इस प्रकार है।

1. यदि शनि मेष राशि में हो और मंगल वृश्चिक राशि में हो तो शनि शुभ हो जाएगा।

इस कुण्डली में शनि मेष राशि में चौथे खाने में विराजमान है और मंगल ग्यारहवें खाने में विराजमान है शनि मेष राशि में अशुभ होता है। लेकिन अब शनि शुभ होगा।

टेवे वाले की सेहत पहले खाने से देखेंगे व्यापार धन दूसरे खाने से देखेंगे। क्योंकि शनि की मकर और कुंभ राशि पहले और दूसरे खाने में पड़ती है। इस टेवे वाले की सेहत बहुत अच्छी है व्यापारी है। और धनवान है।

2. यदि शनि सिंह राशि में अशुभ हो और सूर्य धनु राशि में शुभ हो तो शनि शुभ हो जाएगा।

इस कुण्डली में शनि सिंह राशि में खाना नं 9 में है और सूर्य मेष राशि में खाना नं 5 में शुभ राशि में है। अब शनि शुभ फल करेगा।

इस टेवे वाला का छोटा भाई है। क्योंकि छोटा भाई तीसरे भाव से देखेंगे। क्योंकि तीसरे भाव में शनि की कुंभ राशि है। टेवे वाला एक व्यापारी और फैक्टरी का मालिक है। धनवान है। धन और व्यापार दूसरे भाव से आएगा। दूसरे भाव में मकर राशि है। जिसका स्वामी शनि है।

3. यदि शनि मिथुन, तुला, कुंभ राशि में शुभ हो और सूर्य धनु, मेष, सिंह, राशि में शुभ हों तो दोनो ग्रह शनि सूर्य अशुभ हो जाएंगे।

इस कुण्डली में शनि मिथुन राशि में दसवे खाने में शुभ बैठा है। सूर्य धनु राशि में खाना नं 4 में शुभ है लेकिन अब दोनो ग्रह शनि और सूर्य अशुभ प्रभाव देंगे।

पंचम भाव में और छठे भाव में शनि की मकर कुंभ राशि पड़ती है। दोनो भावों का अब अशुभ फल होगा। शिक्षा कम होगी या शिक्षा में रूकावट आएगी। पेट संबंधी रोग होंगे।

खाना नं 12 में सिंह राशि सूर्य की पड़ती है। जिसके कारण रात की नींद हराम होगी। हानि होती रहेगी। पैर टूटेगा या कोई और रोग होगा।

4. यदि शनि धनु राशि में अशुभ हो और बृहस्पति कर्क,वृश्चिक और मीन राशि मे या धनु राशि में शुभ हो तो शनि शुभ हो जाएगा।

इस कुण्डली में शनि खाना नं 2 में धनु राशि में अशुभ है। और बृहस्पति खाना नं 9 में कर्क राशि में शुभ है लेकिन अब शनि शुभ फल प्रदान करेगा। खाना नं 3 और 4 में मकर और कुंभ राशि पड़ती है।

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इस कुण्डली वाले का छोटा भाई बहन होगा जो कि खाना नं 3 से देखेंगे। और खाना नं 4 के सारे सुख मिलेंगे जैसे वाहन सुख जमीन जायदाद का सुख माता का सुख आदि ।

5. खाना नं 6, 8 और 12में जो ग्रह बैठें हों वो शुभ और अशुभ दोनो फल देते हैं।

इस कुण्डली में सूर्य खाना नं 12 में शुभ मेष राशि में है इस कुण्डली वाले को जमीन जायदाद वाहन का सुख होगा लेकिन इसका नुकसान भी होगा जैसे वाहन का चोरी हो जाना दुर्घटना का होना।

इस कुण्डली में मंगल मकर राशि में खाना नं 12 में शुभ है। इस कुण्डली वाले के छोटे भाई-बहन होंगे पर उनसे बनेगी नहीं या परदेश में रहेंगे या एक की मौत हो सकती है।

पिता का सुख भी हल्का होगा। अगर सरकारी नौकरी पर कार्यरत होगा तो निलंबित जरूर होगा या समय से पहले नौकरी छोड़नी पड़ेगी।

इस कुण्डली में बृहस्पति वृश्चिक राशि में छठे घर में है। और बृहस्पति की राशि धनु और मीन राशि खाना नं 7 और 10 में पड़ती है। अब खाना नं 7 और 10 का शुभ और अशुभ फल होगा।

जैसे टेवे वाले की दो शादी हो सकती है। या पत्नी रोगी होगी या पत्नी से लड़ाई झगड़ा होता रहेगा। पिता का सुख हल्का होगा। व्यापार से उतार-चढ़ाव आते रहेंगे। राजदरबार में हानि होगी। बृहस्पति शुभ राशि में होने के कारण दूसरी शादी होगी। यदि कभी जेल जाना पड़ेगा तो जमानत हो जाएगी। फैसला हक में होगा।

इस कुण्डली में शुक्र मकर राशि में खाना नं 8 में बैठा है। शुक्र की राशि वृष और तुला राशि खाना नं 5 और 12 में पड़ती है। अब शुक्र खाना नं 5 और 12 का शुभ अशुभ फल दोनो करेगा। जैसे इस टेवे वाले की शिक्षा कम होगी या शिक्षा में रूकावट आएगी। पेट संबंधित रोग होगा। लेकिन पहली संतान लड़का ही होगी।

खाना नं 5 में कोई अशुभ ग्रह और अशुभ ग्रह की दृष्टि नहीं होनी चाहिए। खाना नं 12 में खर्चा अधिक होगा लेकिन हानि कम ही होगी। पैरों पर कोई रोग होगा। चोट लग सकती है या पैरों की चमड़ी खराब होगी। यदि बृहस्पति अशुभ होगा तो शादी-शुदा जिन्दगी भी एकदम खराब होगी।

6. यदि खाना नं 6, 8, 12 के खाने की राशियों के ग्रह कहीं भी बैठे हों शुभ अशुभ फल दोनो करेंगे।

इस कुण्डली में शनि खाना नं 7 में कुंभ राशि में शुभ है। शनि की राशि खाना नं 6 और 7 में मकर राशि और कुंभ राशि पड़ती है। इस टेवे वाले को जिगर की बीमारी होगी। लेकिन जल्द आराम मिल जाएगा। शत्रु बनते रहेंगे। लेकिन शत्रुओं पर विजय होगी। शादी-शुदा जिंदगी भी अच्छी नहीं होगीं। लड़ाई झगड़ा होता रहेगा।

इस कुण्डली में चन्द्र 10वें खाने में वृष राशि में शुभ है और खाना नं 12 का स्वामी है। चन्द्र शुभ होने के कारण टेवे वाले की खाना नं 12 के फल अशुभ हो जाएंगे। और धन हानि होगी। यदि विदेश यात्रा करेगा तो फलदायक नहीं होगी। पैरों पर कोई रोग होगा।

चन्द्र शुभ होने के कारण टेवे वाले को चन्द्र की अशियों का लाभ मिलेगा ही।

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