लाल किताब के अनुसार बृहस्पति का फलादेश और उपाय
बृहस्पति 4, 8, 12 (कर्क, वृश्चिक, मीन राशि में शुभ और 2, 6, 10 ( वृष, कन्या, मकर) राशि में अशुभ होता है। बृहस्पति से संबन्धित वस्तुएं बब्बर शेर, मेढ़क, मुर्गा ।
बृहस्पति खाना नं 1
लाल किताब के अनुसार एक ही खाने में कोई भी ग्रह शुभ और अशुभ भी होता है। इसको पहचानने के लिए शुभ है या अशुभ है अनुभव की आवश्कता होती है जो यहॉ बहुत ही आसान तरीक से बताया जा रहा है।
बृहस्पति खाना नं 1 में हो और शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति शिक्षा में उत्तम होगा, औलाद का सुख सम्पूर्ण होगा। हर क्षेत्र का ज्ञान होगा, जद्दी जायदाद (पैतृक सम्पत्ति) का सुख होगा। उसके पिता के नाम एक से ज्यादा घर (सम्पत्ति) होंगे। पिता के पास वाहन सुख भी होगा।
यदि कर्क राशि में होगा तो अधिक भाग्यवान होगा। धार्मिक होगा
यदि वृश्चिक राशि में होगा तो अधिक धनवान होगा। पहली संतान लड़का होगी। बड़े मामा का सुख होगा। गणित कम्प्यूटर और अर्थशास्त्र का ज्ञाता होगा। प्रेम होगा प्रेमविवाह होगा।
यदि शुक्र शुभ होगा तो यदि मीन राशि में होगा तो राजदरबार से लाभ प्राप्त होगा पिता का सुख होगा सरकारी नौकरी पर कार्यरत होगा। राजनीति का ज्ञाता होगा और राजनीति में जा सकता है।
यदि बृहस्पति 1 खाने में अशुभ होगा तो कम शिक्षा होगी। औलाद का सुख सम्पूर्ण नहीं होगा। टेवे वाला बुद्धिमान भी कम होगा। शादी का सुख भी हल्का होगा। खेल-कूद का शौक नहीं होगा। खोपड़ी में चोट लगने की संभावना होगी। बड़े भाई-बहन की शादी शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होगी।
(यदि बृहस्पति वृष, कन्या, मकर राशि में हो)
यदि बृहस्पति खाना नं 1 वृष राशि का होगा तो बड़े भाई बहन का सुख कम होगा। आय भी कम होगी। छोटे भाई बहन की शादी-शुदा जिन्दगी अच्छी नहीं होगी।
यदि कन्या राशि में होगा तो माता वाहन जमीन जायदाद का सुख कम होगा।
यदि मकर राशि में होगा तो छोटे भाई-बहन का सुख नहीं होगा खर्चा अधिक होगा।
उपायः- 1. शराब न पीना। 2. पीले फूल वीरवार को वीराने में दबाएं। 3. पीले वस्त्र न पहनना। 4. बूंदी के लड्डू बांटे।
बृहस्पति खाना नं 2
बृहस्पति खाना नं 2 में शुभ होगा तो दौलत का भण्डार होगा। शिक्षा के क्षेत्र में गणित, कम्प्यूटर, अर्थ-शास्त्र का ज्ञाता होगा। चेहरा सुन्दर होगा। शत्रु का नाश करने वाला होगा। पिता (बाबा) का सुख सम्पूर्ण होगा। बढ़ता परिवार (बिरादरी) होगा। मिलनसार होगा।
यदि कर्क राशि में बृहस्पति होगा तो शादी-शुदा जिन्दगी अच्छी होगी पत्नी सुशील आज्ञाकारी होगी। राजदरबार से लाभ होगा। पिता सुख होगा व्यापार में लाभ होगा।
यदि वृश्चिक राशि में होगा तो छोटे भाई-बहन का सुख होगा। पराक्रमी होगा।
यदि मीन राशि में होगा तो बड़े भाई-बहन का सुख होगा। अच्छी आय होगी। बचत भी होती रहेगी।
यदि बृहस्पति खाना नं 2 में अशुभ होगा तो धन का अभाव रहेगा। शत्रु से नुकसान होगा। बाबा और पिता के सुख सम्पूर्ण नहीं होगा। चाचा और छोटी बुआ की शादी शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होगी।
(यदि बृहस्पति वृष, मकर, कन्या राशि में हो)।
यदि वृष राशि में हो तो धनहानि होगी। भाग्य मन्दा होगा।
यदि कन्या राशि में होगा। संतान सुख कम होगा। शिक्षा में रूकावट आएगी।
यदि मकर राशि में होगा तो अपनी सेहत अच्छी नहीं होगी। माता, वाहन और जमीन, जायदाद का सुख कम होगा।
उपाय:- 1. घर के सामने गढ्ढे हो तो उसे भरना। 2. मकान का एक हिस्सा कच्चा रखना। 3. गाय के घी का दीपक जलाना धर्म स्थान पर। 4. दाल चना, ढाई मीटर पीले कपड़े में बांधकर पुजारी को देना। 5. केसर या हल्दी का तिलक करना। 6. गाय का घी धर्मस्थान में दें।
7. जिस राशि में बैठा हो उस ग्रह का उपाय करें।
बृहस्पति खाना नं 3
बृहस्पति खाना नं 3 में शुभ होगा तो टेवे वाला गरजते शेर की तरह दिलेर होगा। पड़ोसी मददगार होंगे। अच्छी कालोनी में निवास होगा। छोटे भाई-बहन का सम्पूर्ण सुख होगा। शादी सुख में मददगार होगा। आय शुभ होगी। धर्म को मानने वाला होगा। पेन्टिंग और फिजिक्स में रूचि होगी।
यदि कर्क राशि में बृहस्पति होगा तो बड़े भाई-बहन का सुख होगा। अच्छी आय होगी। यदि वृश्चिक राशि में होगा तो माता वाहन और जमीन जायदाद का सुख होगा। शादी-शुदा जिन्दगी अच्छी होगी। मित्र भी अच्छे होंगे।
यदि मीन राशि मे हो तो माता छोटे भाई-बहन का सुख होगा। देश-विदेश की यात्रा करेगा और लाभ होगा।
यदि बृहस्पति खाना नं 3 में अशुभ होगा तो टेवे वाला कायर होगा। दूसरे के माल पर अपनी नजर रखने वाला होगा। ऐसे ठेवे वाले व्यक्ति को गले की कोई बीमारी होगी। बाजू में भी तकलीफ होगी। शादी के सुख में कमी होगी। कभी नास्तिक कभी आस्तिक होगा। आय में भी उतार-चढ़ाव आता रहेगा।
(यदि बृहस्पति वृष, कन्या, मकर राशि में हो)।
यदि वृष राशि में बृहस्पति हो तो राजदरबार से हानि होगी। पिता सुख कम होगा। अपनी सेहत भी अच्छी नहीं होगी।
यदि कन्या राशि में हो तो भाग्य कुछ मन्दा होगा। हर काम कुछ रूकावट के साथ होंगे।
यदि मकर राशि में हो तो संतान सुख कम होगा। शिक्षा में रूकावट आएगी। धन हानि होगी।
उपाय:- 1. कन्या की पूजा करना। 2. चने की दाल हल्दी पीपल के पत्ते मुलठी पीला फूल पीले वस्त्र में बांधकर चलते पानी में बहाएं। 3. पीला कच्चा धागा लेकर पीपल के वृक्ष पर बांधना।
बृहस्पति खाना नं 4
यदि बृहस्पति खाना नं 4 में शुभ होगा तो टेवे वाला व्यक्ति ब्रम्हज्ञानी होगा। भविष्य के प्रति दूरदर्शी होगा। मातृ सुख होगा। वाहन और घर-मकान का सम्पूर्ण सुख होगा। दूर की यात्राएं या विदेश की यात्राओं का सुख होगा। बहुत सी विद्याओं का जानकार होगा। शान्त स्वभाव का होगा।
यदि कर्क राशि में बृहस्पति होगा तो विदेश यात्रा करेगा या विदेश में ही व्यापार करेगा। अच्छे भाग्य वाला होगा।
यदि वृश्चिक राशि में होगा तो अच्छी शिक्षा होगी। संतान सुख होगा।
यदि मीन राशि में होगा तो सेहत अच्छी होगी। माता वाहन और जमीन जायदाद का सुख होगा।
यदि बृहस्पति खाना नं 4 में अशुभ होगा तो ऐसे टेवे वाला व्यक्ति गुस्से वाला होगा। दिमाग से अशान्त रहने वाला होगा। मातृ सुख भी हल्का होगा। हवाई घोड़े चलाने वाला होगा। माँ-बाप के आपस के संबंध अच्छे नहीं होंगे। (यदि बृहस्पति कन्या राशि में हो) यात्रा और विदेश यात्रा फलदायक नहीं होगी।
यदि बृहस्पति वृष राशि में होगा तो बड़े भाई-बहन का सुख कम होगा। आय कम होगी। धन-हानि होगी।
यदि कन्या राशि में होगा तो राजदरबार से लाभ नहीं होगा। शादी-शुदा जिन्दगी अच्छी नहीं होगी।
यदि मकर राशि का होगा तो छोटे भाई-बहन का सुख कम होगा। पड़ोसी भी अच्छे नहीं होंगे।
उपाय:- 1. घोड़े को चने की दाल खिलाना। 2. बनियान पर लाल रंग का निशान लगाना। 3. किसी के सामने नंगा न नहाना। 4. छः तन्द वाला पीला कच्चा धागा पीपल के वृक्ष में बांधे।
बृहस्पति खाना नं 5
बृहस्पति खाना नं 5 में शुभ हो तो ऐसे टेवे वाला व्यक्ति ब्रम्ह ज्ञानी होगा। शिक्षा, औलाद का सम्पूर्ण सुख होगा। धर्म के प्रति रूचि होगी। अध्यापक या गुरू होगा। आय की कोई शर्त नहीं। खेल-कूद में रूचि होगी।
यदि बृहस्पति कर्क राशि में होगा तो राजदरबार से लाभ होगा। पिता का सुख होगा। अपनी सेहत अच्छी होगी।
यदि वृश्चिक राशि में होगा तो धार्मिक होगा। अच्छे भाग्य वाला होगा। यदि मीन राशि में होगा तो संतान सुख होगा अच्छी शिक्षा होगी। बड़े मामा मासी का सुख होगा। धनवान होगा। गणित अर्थशास्त्र का ज्ञाता होगा। कम्प्यूटर साइंस की शिक्षा प्राप्त कर सकता है।
यदि बृहस्पति खाना नं 5 में अशुभ होगा तो ऐसे टेवे वाले व्यक्ति को औलाद और शिक्षा का सम्पूर्ण सुख नहीं होगा। सांस की बीमारी होगी। छोटे भाई-बहन की शादी शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होगी। ऐसे टेवे वाले व्यक्ति की भी शादी शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होगी।
(यदि बृहस्पति वृष, कन्या, और मकर राशि में हो) । यदि बृहस्पति वृष राशि में होगा तो छोटे भाई-बहन का सुख कम होगा। गले में कोई रोग होगा या बाजुओं में कोई रोग होगा नहीं तो सरवाईकल दर्द होगा।
यदि कन्या राशि में होगा तो आय कम होगी। शिक्षा में रूकावट होगी। संतान सुख कम होगा। यदि मकर राशि में होगा तो माता वाहन और जमीन जायदाद का सुख कम होगा। शादी-शुदा जिन्दगी भी अच्छी नहीं होगी।
उपाय:- 1. किसी से दान नहीं लेना। 2. सिर पर चोटी बांधना । 3. लंगर या प्रसाद नहीं लेना। 4. चार दर्जन केले धर्मस्थान पर देना। 5. गरीबों में बेसन के लड्डू बांटना । 6. गुड़ और कनक के लड्डू बांटे।
बृहस्पति खाना नं 6

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यदि बृहस्पति खाना नं 6 में शुभ होगा तो ऐसे टेवे वाले व्यक्ति को ईश्वरीय मदद हर वक्त मिलती रहेगी। यानि अंतिम वक्त पर हर काम पूरा हो जाएगा। द्रोपदी का भी छठे खाने में बृहस्पति था इसलिए जब उस का चीर हरण होने लगा था तब द्रोपदी को ईश्वरीय सहायता प्राप्त हुई थी कृष्ण द्वारा। शत्रुओं और बीमारी से हर वक्त बचाव होता रहेगा।
यदि बृहस्पति खाना नं 6 में कर्क राशि में हो तो खाना नं 2 और खाना नं 11 के मिश्रित फल होंगे।
यदि वृश्चिक राशि में होगा तो दो शादी भी हो सकती है। और खाना नं 7 और 10 के मिश्रित फल होंगे।
यदि मीन राशि में होगा तो खाना नं 3 और 6 के मिश्रित फल होंगे।
यदि बृहस्पति खाना नं 6 में अशुभ हो तो ऐसे टेवे वाले व्यक्ति पर कर्जा रहता है, बीमारी गले पड़ी रहती है। रोज-रोज नए-नए शत्रु बनते रहते हैं। ऐसे टेवे वाले की ताऊ की शादी शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होती।
उपाय:- 1. पीपल में पानी डालें। 2. दाल, चना धर्म स्थान पर दें। 3. पीले मुर्गे की सेवा करें। 4. पुजारी को पीले वस्त्र दान करें। 5. कन्या को हलवा खिलाएं।
बृहस्पति खाना नं 7
यदि बृहस्पति खाना नं 7 में शुभ हो तो ऐसे टेवे वाला व्यक्ति पिछले जन्म का साधु होता है। ऐसे व्यक्ति को बहुत गुस्सा आता है। यदि शुक्र, पांचवा खाने और पांचवे खाने में जो राशि हो उस राशि का स्वामी ग्रह भी अशुभ हो (जब तीनों अशुभ हों) ऐसे व्यक्ति को शादी नहीं करनी चाहिए। धर्म काम में हर वक्त आगे रहने वाला व्यक्ति होगा।
यदि बृहस्पति कर्क राशि में हो तो किसी दूसरी जाति में विवाह हो सकता है। छोटे भाई-बहन का सुख होगा। पराक्रमी होगा।
यदि वृश्चिक राशि में होगा तो बड़े भाई-बहन का सुख होगा। आय अच्छी होगी। यदि मीन राशि का होगा तो शादी-शुदा जिन्दगी अच्छी होगी। माता, वाहन और जमीन-जायदाद का सुख होगा।
यदि बृहस्पति खाना नं 7 में अशुभ होगा तो ऐसे टेवे वाला व्यक्ति को औलाद का सुख सम्पूर्ण नहीं होगा। ऐसे टेवे वाला व्यक्ति की साला-साली की शादी के सुख में कमी आएगी। तलाक भी हो सकता है।
(यदि बृहस्पति वृष, कन्या, और मकर राशि में हो) । यदि बृहस्पति वृष राशि में होगा तो धनहानि होगी। शिक्षा में रूकावट आएगी। संतान सुख कम होगा। यदि कन्या राशि में होगा तो शादी-शुदा जिन्दगी अच्छी नहीं होगी। राजदरबार की हानि होगी। पिता का सुख कम होगा। व्यापार में उतार-चढ़ाव आते रहेंगे।
उपाय:- 1. घर में मन्दिर ठोस मूर्तियों का न बनाएं। 2. सोना पीले कपड़े में बांधकर रखें। 3. तराजू और छोटे-छोटेबांट घर में न रखें। 4. रमते साधु से दूर रहें। 5. कपड़े दान न करना।
बृहस्पति खाना नं 8
यदि बृहस्पति खाना नं 8 में शुभ होगा तो ऐसे टेवे वाले व्यक्ति को गड़ा हुआ खजाना मिलता है या किसी की मौत के बाद उसकी जायदाद का मालिकाना हक मिलता है या किसी गुप्त ज्ञान द्वारा आय का साधन बनाता है। या लोगों का बीमा करके आय कमाता है। लम्बी और विदेश यात्रा होगी। ज्योतिष विद्या का ज्ञाता होगा ।
बृहस्पति खाना नं 8 में अशुभ होगा तो मामा-मौसी की शादी-शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होगी (यदि बृहस्पति वृष, कन्या, मकर राशि में हो) खर्चा अधिक होता रहेगा। मकान, वाहन का सुख कम होगा।
उपाय:- 1. 800 ग्राम हल्दी धर्मस्थान पर दें यदि दूसरे खाने में कोई ग्रह हो और यदि न हो तो किसी गरीब को दें। 2. कच्चे सूत को हल्दी से पीला करके पीपल में बांधे। 3. गुरू को या पुजारी को वीरवार को बेसन के लड्डू भेंट करें।
बृहस्पति खाना खाना नं 9
यदि बृहस्पति खाना नं 9 में शुभ होगा तो ऐसे टेवे वाला व्यक्ति धार्मिक भाषा का ज्ञाता होगा। औलाद का सुख सम्पूर्ण होगा। बृहस्पति खाना नं 9 में टेवे वाले व्यक्ति को योगी भी बना देता है।
यदि बृहस्पति कर्क राशि में हो तो धनवान होगा। व्यापारी होगा। संतान सुख होगा। बुद्धिमान होगा। अच्छी शिक्षा होगी।
यदि वृश्चिक राशि में होगा तो राजदरबार से लाभ होगा। पिता का सुख होगा। सेहत अच्छी होगी। यदि मीन राशि में होगा तो भाग्यवान होगा।
यदि बृहस्पति खाना नं 9 में अशुभ होगा तो ऐसे टेवे वाला व्यक्ति नास्तिक होगा। औलाद का सुख कम होगा। बड़े भाई-बहनों की शादी-शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होगी। पैर में कोई बीमारी जैसे पैरों में दर्द होना, हड्डी टूटना, या पैर की त्वचा खराब होना।
(यदि बृहस्पति वृष, कन्या, मकर राशि में हो)
यदि बृहस्पति वृष राशि में होगा तो माता, वाहन और जमीन जायदाद का सुख कम होगा। शादी-शुदा जिन्दगी अच्छी नहीं होगी।
यदि कन्या राशि में होगा तो मिश्रित फल करेगा।
यदि मकर राशि का होगा तो बड़े भाई-बहन का सुख कम होगा। आय भी कम होगी।
उपाय:- 1. झूठ न बोलें। धर्म का पालन करें। 2. गंगा स्नान करें। 3. चने की दाल पिंगलवाड़ा में दें। 4. धर्मस्थान में गाय के घी का दीपक जलाएं। 5. चने की दाल, हल्दी, पीपल के पत्ते मुलट्ठी पीला फूल, केसर पीले रंग के वस्त्र में बांधकर जल प्रवाह करें।
बृहस्पति खाना नं 10
यदि बृहस्पति खाना नं 10 में शुभ होगा तो ऐसे देवे वाला व्यक्ति धनी होगा। किसी से कर्जा नहीं लेगा। शत्रु नहीं होंगे। ऐसा व्यक्ति किसी ऊँचे सरकारी पद पर आसीन होगा, नेता भी बन सकता है।
यदि बृहस्पति कर्क राशि में होगा तो छोटे भाई-बहन का सुख होगा। पराक्रमी होगा। पड़ोसी अच्छे होंगे।
यदि वृश्चिक राशि में होगा तो बड़े भाई-बहन का सुख होगा। जवान होगा। आय अच्छी होगी।
यदि मीन राशि में होगा तो पिता का सुख होगा। राजदरबार से लाभ होगा। राजनीति में जाएगा। शादी-शुदा जिन्दगी अच्छी होगी।
नोट:- बृहस्पति (10) खाने वाले व्यक्ति को बृहस्पति तभी शुभ फल देगा जब वह चालाक चतुर (शनि) की तबीयत का होगा।
यदि बृहस्पति खाना नं 10 में अशुभ होगा तो ऐसे टेवे वाले व्यक्ति को धन हानि होती रहेगी। बिना बात के शत्रु बनते रहेंगे। चाचा और ताऊ की शादी-शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होगी।
(यदि बृहस्पति वृष, कन्या, मकर राशि में हो)।
यदि बृहस्पति वृष राशि मे होगा तो शिक्षा में रूकावट आएगी। संतान सुख कम होगा।
यदि कन्या राशि में होगा तो सेहत अच्छी नहीं होगी।
यदि मकर राशि में होगा तो पेट में चोट लगेगी। धार्मिक नहीं होगा। भाग्य मन्दा होगा। छोटे भाई-बहन की शादी-शुदा जिन्दगी अच्छी नहीं होगी।
उपाय:- 1. एक सीधा डंडा जल प्रवाह करें। डंडे को पीला रंग कर लें। 2. घोड़े को चने की दाल खिलाएं। 3. तांबे का पैसा चलते पानी में बहाएं। 4. कोई काम शुरू करने से पहले नाक साफ रखें। 5. गंधक जल प्रवाह करें। 6. किसी के साथ नेकी न करें।
बृहस्पति खाना नं 11
यदि बृहस्पति खाना नं 11 में शुभ होगा तो ऐसे देवे वाले व्यक्ति को छोटे भाई-बहनों को सम्पूर्ण सुख होगा। अपनी शादी-शुदा जिंदगी अच्छी होगी। मकान वाहन का सुख सम्पूर्ण होगा। नौकर सेवा से युक्त होगा।
यदि बृहस्पति कर्क राशि में होगा तो माता, वाहन और जमीन-जायदाद का सुख होगा।
यदि वृश्चिक राशि में होगा तो छोटे भाई-बहन का सुख होगा। पराक्रमी होगा।
यदि मीन राशि का होगा तो बड़े भाई-बहन का सुख होगा। आय अच्छी होगी लेकिन नुकसान भी होता रहेगा।
यदि बृहस्पति खाना नं 11 में अशुभ होगा तो ऐसे टेवे वाले व्यक्ति को मकान भी नसीब न होगा कभी-कभी ऐसा भी होता है अपने घर का कफन भी नसीब नहीं होता है (इसलिए ऐसे व्यक्ति को किसी लावारिस लाश को कफन दान देते रहना चाहिए) पिता का धन टेवे वाले व्यक्ति को काम नहीं आएगा। पूजा का स्थान बदलता रहेगा या गन्दी जगह पर बनाया जाएगा। अपनी शादी-शुदा जिंदगी भी खराब होगी। तलाक तक हो सकता है।
(यदि बृहस्पति वृष, कन्या, मकर राशि में हो)।
यदि बृहस्पति वृष राशि में होगा तो मन्दे भाग्य की निशानी होगी। कर्जदार होगा।
यदि कन्या राशि में होगा तो धनहानि होती रहेगी।
यदि मकर राशि में होगा तो पिता का सुख कम होगा। राजदरबार से कोई लाभ प्राप्त नहीं होगा। अपनी सेहत भी अच्छी नहीं होगी।
उपाय:- 1. पिता के बाद पिता के सामान चारपाई, वस्त्र, सोना, घड़ी, पेन, आदि का इस्तेमाल करें। 2. किसी लावारिस लाश को कफन दान दें। 3. शमशान घर में पैसा गिराते रहें। 4. पीले फूल बाहर वीराने में दबाएं।
बृहस्पति खाना नं 12
यदि बृहस्पति खाना नं 12 में शुभ होगा तो ऐसे टेवे वाले व्यक्ति किसी के आगे हाथ नहीं फैलाता। परोपकारी और दानी होता है। ऐसे व्यक्ति को दुख देने वाले खुद-ब-खुद बरबाद हो जाते है।
यदि बृहस्पति खाना नं 12 में अशुभ होगा तो ऐसे टेवे वाला व्यक्ति दूसरे के आगे हाथ फैलाता रहेगा। धर्म से दूर भागने वाला होगा। सांस का रोग, जिगर का रोगी होता है। बृहस्पति 4, 8, 12 और 2, 6, 10 के अतिरिक्त किसी और राशि में हो जिंदगी में हर काम कभी शुभ कभी अशुभ होता रहेगा।
उपाय:- 1. पीपल की सेवा करें। 2. नाक साफ कर के काम करा करें। 3. केसर का तिलक लगाएं। 4. सोने की चेन गले में पहनें। 5. टोपी या पगड़ी पहनें। 6. गले में गोल मनको की माला न डालें।
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