लाल किताब के अनुसार मंगल का फलादेश और उपाय

मंगल 2,6,10 राशि वृष, कन्या, मकर राशि में शुभ और 4,8,12 के राशि कर्क, वृश्चिक, मीन राशि में अशुभ होता है। मंगल बद संबन्धित वस्तुएं- हिरण, ऊँट। मंगल नेक संबन्धित वस्तुएं सैनिक, चीता।

मंगल खाना नं 1

मंगल खाना नं 1 में शुभ हो तो ऐसे व्यक्ति को मंगल की सभी अशियों का सुख मिलता है। मकान जायदाद का सुख पक्का इरादे वाला होता है। वादा पूरा करने वाला होता है। मकेनिक मशीन का काम करने वाला होता है। वीर पुरुष और किसी से न डरने वाला होता है।

यदि मंगल कन्या राशि में हो तो व्यक्ति पराक्रमी और छोटे भाई-बहन का सम्पूर्ण सुख प्राप्त करने वाला होता है।

यदि मकर राशि में हो और व्यक्ति श्याम रंग का हो तो जिन्दगी में काफी ऊँचाई तक तरक्की करता जाता है और बड़े भाई-बहन का भी सुख होता है।

यदि मंगल खाना नं 1 में अशुभ हो तो ऐसा व्यक्ति अधिक गुस्सा करने वाला निर्दयी, सुस्त व्यक्ति होता है।

यदि मेष राशि में मंगल हो तो तो माता के लिए हानिकारक होता है।

यदि कर्क राशि का मंगल होता है तो शिक्षा में रूकावट आती है और पिता के लिए हानिकारक होता है। राजदरबार से भी नुकसान होता है। बड़े भाई-बहन की शादी-शुदा जिन्दगी अच्छी नहीं होती है। संतान सुख में भी कमी होती है।

उपाय:- 1. सौंफ किसी सरकारी प्रगाण में दबाएं। 2. 4 किलो ग्राम गुड़ चलते पानी में बहाएं। 3. पताशे 43 दिन लगातार या 43 हफ्ते लगातार या 43 महीने लगातार मंगलवार के दिन मन्दिर में रखें या गरीबों में बाँटें। 4. किसी से मुफ्त का सामान न लें। 5. हाथी दांत या उसका समान घर में न रखें।

मंगल खाना नं 2

यदि मंगल खाना नं 2 में शुभ हो तो उसके घर मेहमानों का ताँता लगा रहता है यानि हर दिन लंगर लगा रहता है। विवाह गृहस्थ-संतान का सुख होता है।

यदि मंगल वृष राशि में हो तो अच्छी सेहत का मालिक होता है। उसके पिता के पास अच्छी जायदाद और वाहन होते है।

यदि मंगल कन्या राशि में हो तो वाहन जायदाद का सम्पूर्ण सुख होता है। माता का भी सुख होता है। अच्छी किस्मत वाला होता है। धार्मिक होता है।

यदि मंगल मकर राशि में हो तो संतान सुख होता है। अच्छी शिक्षा पाने वाला होता है।

यदि मंगल अशुभ होता है तो ऐसा व्यक्ति दूसरे के माल पर नजर रखने वाला होता है। धन-हानि होती रहती है। दूसरों को धोखा देने वाला होता है।

यदि मंगल कर्क राशि में हो तो बड़े भाई-बहन का सुख नहीं होता।

यदि मंगल वृश्चिक राशि में हो तो अपनी शादी-शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होती है।

यदि मंगल मीन राशि में हो तो छोटे भाई-बहन का सुख नहीं होता और पिता के सुख में भी कमी आती है। राजदरबार से भी हानि होती है।

उपाय:- 1. 43 मंगलवार लगातार बूंदी के लड्डू बच्चों में बांटे। 2. पताशे मन्दिर के बाहर बच्चों में बांटे 43 मंगलवार लगातार। 3. मृगछाला पर रात को सोए।

मंगल खाना नं 3

मंगल खाना नं 3 में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति को छोटे भाई-बहन का सुख होता है। पराक्रमी होता है। पड़ोसी अच्छे मिलते हैं। मित्रों और जनता का सेवक होता है। युद्ध में जीतने वाला होता है। आर्मी सेना में या किसी फोर्स में काम करने वाला होता है। ससुराल वालों के लिए शुभ होता है।

यदि मंगल वृष राशि में हो तो व्यक्ति बहुत धन एकत्रित करता है। बड़े मामा मौसी का सुख होता है।

यदि कन्या राशि का मंगल हो तो संतान और शिक्षा का सम्पूर्ण सुख होता है। राजदरबार से लाभ पाने वाला होता है। व्यापार में भी लाभ होता है।

यदि मंगल मकर राशि का हो तो सेहत अच्छी रहती है। उसके पिता को भी जायदाद का सुख होता है।

यदि मंगल खाना नं 3 में अशुभ हो तो ऐसा व्यक्ति क्रोधी, धोखेबाज होता है। अपने आप अपना नुकसान करने वाला होता है। खुद के भाई मित्र ही उसका माल खा जाते है। यदि मीन राशि का मंगल हो तो जायदाद और वाहन सुख में कमी ही रहती है। माता का सुख भी कम होता है। बड़े भाई-बहन का सुख भी कम होता है।

यदि मंगल कर्क राशि में हो तो ऐसे व्यक्ति की अपनी शादी-शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होती। तलाक तक हो जाता है।

उपाय:- 1. हाथी दान्त अपने पास रखें। 2. चांदी का छल्ला डालें। 3. मिठाई गरीब बच्चों में प्रायः बांटते रहें। 4. बीमारी में जौ दूध में धोकर चलते पानी में बहायें। 5. हाथी दान्त का काम करना भी शुभ होगा।

मंगल खाना नं 4

यदि मंगल खाना नं 4 में शुभ हो तो टेवे वाला व्यक्ति दूसरों का हित चाहने वाला होता है। जायदाद, वाहन से युक्त होता है। अच्छे दिल वाला होता है।

यदि मंगल मेष, सिंह, धनु राशि में हो तो सगाई टूटने के आसार होते हैं। यदि वृष राशि में हो तो छोटे भाई-बहन का सुख प्राप्त होता है।

यदि कन्या राशि में मंगल हो तो बड़े भाई-बहन का सुख प्राप्त होता है।

यदि मंगल मकर राशि में हो तो धन-सम्पत्ति से भरपूर होता है। और शादी शुदा जिंदगी अच्छी से कटती है।

यदि मंगल खाना नं 4 में अशुभ हो तो ऐसे टेवे वाला व्यक्ति कठोर स्वभाव वाला होता है।

यदि मंगल कर्क राशि में हो तो व्यक्ति की अपनी सेहत अच्छी नहीं रहती और पिता को जमीन जायदाद और वाहन का नुकसान होता है।

यदि मंगल वृश्चिक राशि में हो तो मन्द भाग्य की निशानी होती है और छोटे भाई-बहनों की शादी-शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होती।

मंगल वृश्चिक राशि में होने के कारण जीवनसाथी को छोटे भाई-बहन का सुख नहीं होता।

यदि मंगल मीन राशि में हो तो संतान सुख की कमी होती है। और शिक्षा में भी रूकावट आती है।

उपाय:- 1. 4 किलो ग्राम गुड़ की रेवड़ियाँ बहते पानी में डाले। 2. बंदर की सेवा करें। 3. माता की सेवा करें। 4. हाथी दाँत या हाथी दाँत का सामान घर या पास रखें। 5. जब भी कोई वस्तु खाएं या पिएं तो दाँतो को पानी से साफ करें यानि के दाँत हरदम साफ होने चाहिए। (ये उपाय कारगर है) 6. बीमारी के वक्त बड़ के पेड़ को दूध मीठा डालकर गीली हुई मिट्टी से तिलक करें। 7. शहद से मिट्टी का बर्तन भरकर श्मशान में दबाएं। 8. पक्षियों को कोई भी मीठा डालें।

मंगल खाना नं 5

यदि मंगल खाना नं 5 में शुभ होता है तो ऐसे टेवे वाले व्यक्ति की संतान सुखी रहती है। शान्त स्वभाव का होता है। ऐसे व्यक्ति के पूर्वजों में कोई डाक्टर या दवाइयों का काम करने वाला होता है।

यदि वृष राशि का मंगल हो तो जातक को मकान का सम्पूर्ण सुख होता है।

यदि मंगल कन्या राशि में हो तो जातक की स्त्री सुंदर व सुशील और शादी-शुदा जिंदगी अच्छी होती है।

यदि मंगल मकर राशि में हो तो छोटे भाई-बहन का सुख होता है और व्यक्ति निडर पराक्रमी होता है।

यदि मंगल खाना नं 5 में अशुभ होगा तो ऐसे टेवे वाले व्यक्ति की संतान कष्ट में रहती है। क्रोधी होता है। धन का नाश करने वाला होता है। चाल-चलन का कच्चा होगा।

यदि मंगल कर्क राशि में हो तो ऐसे व्यक्ति के छोटे भाई-बहन की शादी शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होगी। बड़े मामा मौसी का सुख नहीं होगा और धन हानि होती रहेगी।

यदि मंगल वृश्चिक राशि में हो तो पिता का सुख कम होगा। राजदरबार से हानि होगी।

यदि मंगल मीन राशि में होगा तो अपनी सेहत अच्छी नहीं होगी पिता को मकान-वाहन में हानि होगी।

उपाय:- 1. रात को पानी सिरहाने रख कर सोएं और सुबह किसी गमले या पेड़ आदि में डाल दें। 2. चाल चलन ठीक रखें। 3. छोटे-छोटे बच्चों को मिठाई बाँटें (स्कूली बच्चों को) ।

मंगल खाना नं 6

यदि मंगल खाना नं 6 में शुभ होगा तो ऐसे टेवे वाले व्यक्ति की समाज में इज्ज्त सम्मान होता है। संतान का सुख होता है। दुश्मनों पर विजय पाने वाला होता है। धर्मवीर होता है। मंगल 6 वाले की कलम में तलवार से ज्यादा ताकत होती है। जैसे-जैसे मंगल 6 वाला तरक्की करेगा उसके भाई भी तरक्की करेंगे।

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यदि मंगल खाना नं 6 में अशुभ होगा तो ऐसे टेवे वाले व्यक्ति की कोई भी इज्जत नहीं करेगा। संतान का सुख कम होगा। दुश्मन बनते रहते हैं। भाइयों की भी स्थिति अच्छी नहीं होती। कई बीमारियों से घिरा रहता है।

उपाय:- 1. कच्ची कोठरी बनाकर उसमें कनक रखें। 2. छोटी कन्याओं को दूध और मिश्री दें। 3. अपनी बहन के पति की सेवा करें। 4. अखरोट कन्याओं में बाँटें मंगलवार को ।

मंगल खाना नं 7

यदि मंगल खाना नं 7 शुभ में हो तो ऐसे टेवे वाले व्यक्ति साफ दिल होता है और बिरादरी का पालन करने वाला होता है। न्यायप्रिय होता है। स्त्री सुशील सुन्दर होती है।

यदि मंगल कन्या राशि में हो तो वो अधिक धनवान होता है और किस्मत का सितारा जल्दी बुलंद होता है। बड़े मामा मौसी का सुख मिलता है। छोटे साले का भी सुख होता है। छोटे भाई-बहन की शादी-शुदा जिंदगी अच्छी होती है।

यदि मंगल मकर राशि में हो तो सन्तान का सुख होता है और पिता का भी सुख होता है। राजदरबार से भी लाभ होता है।

यदि मंगल खाना नं 7 में अशुभ होता है तो ऐसे टेवे वाला व्यक्ति बुरे विचारों वाला होता है। मित्र जातक का माल खा जाते हैं। शादी-शुदा जिंदगी का भी सुख कम होता है।

यदि मंगल कर्क  राशि में हो तो मकान, वाहन के सुख में कमी होगी। बड़े भाई-बहन का सुख भी कम होगा।

यदि मीन राशि में मंगल हो तो छोटे भाई-बहन का सुख कम होता है। जातक के गले में या बाजू में रोगा होता है।

यदि मंगल सिंह राशि मे हो तो जातक को जीवनसाथी का दूसरे गाँव या शहर का जन्म होता है।

उपाय:- 1. बहन को मीठा देते रहें। 2. ढोलक तबला नहीं बजाना चाहिए। 3. चाँदी की इंटें घर में रखना। 4. छोटी सी दीवार बनाकर फिर गिरा देना शुभ होगा। 5. ताँबे का लोटा लेकर उसे बाहर से लाल रंग कर के फिर उसमें साबूत चावल भर कर गर्दन तक फिर लाल गुलाब के फूलों से ढ़क कर और जातक की पत्नी और आप दोनों लाल रंग के कपड़े पहन कर मंगलवार के दिन मन्दिर में हनुमान जी की मूर्ति के सामने रखें।

मंगल खाना नं 8

यदि मंगल खाना नं 8 में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति स्त्री को संतुष्ट करने वाला होता है। शत्रुओं पर विजय पाने वाला होता है। मुसीबतों में हँसने वाला होता है। शादी में अच्छी संपत्ति मिलती है।

यदि मंगल खाना नं 8 में अशुभ हो तो ऐसा व्यक्ति धोखेबाज होता है। भाई से नहीं बनती है। स्त्री से क्लेश रहता है। आग लगने का भय रहता है। धन हानि होती रहती है।

उपाय:- 1. मीठी रोटी गुड़ वाली जो कि तन्दूर में बनी हो कुत्ते को खिलाएं। 2. मंगल खाना नं 7 का लोटे वाला उपाय करें। 3. गुड़ की रेवड़ियां जल प्रवाह करें।

मंगल खाना नं 9

यदि मंगल खाना नं 9 में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति अपने पैरों पर आप खड़ा होने वाला होता है। लड़ाई झगड़े में विजय पाने वाला होता है।

यदि मंगल कन्या राशि में हो तो बड़े भाई-बहन का सुख होता है। उसके पिता एक अच्छे व्यापारी होते है।

यदि  मंगल मकर राशि में हो तो शादी-शुदा जिंदगी अच्छी होती है।

यदि मंगल खाना नं 9 में अशुभ हो तो ऐसा व्यक्ति अपनी किस्मत खुद खराब करता है। लड़ाई-झगड़े में हारने वाला होता है। नास्तिक होता है।

यदि मंगल कर्क राशि का हो तो अपनी सेहत अच्छी नहीं रहती पिता को जायदाद और वाहन का नुकसान होता है। (सुख कम होता है।)

यदि मंगल वृश्चिक राशि में हो तो धन हानि होती है और बड़े मामा-मौसी का सुख कम होता है।

यदि मंगल मीन राशि में हो तो पिता को कष्ट होता है। पिता का सुख कम होता है। संतान का सुख भी कम होता है। शिक्षा में रूकावट आती है।

उपाय:- 1. भाभी की सेवा करें। 2. मसूर की दाल को मन्दिर में दान करें। 3. 200 ग्राम सौंफ मन्दिर में देना शुभ होगा ।

मंगल खाना नं 10

यदि मंगल खाना नं 10 में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति राजदरबार में उच्च पद पाने वाला होता है। समाज सेवक होता है। उसके जन्म से घर में बरकत होने लग जाती है।

यदि मंगल वृष राशि में हो तो जमीन जायदाद वाहन का सुख होता है। धार्मिक होता है। छोटे भाई-बहन का शादी-शुदा जिंदगी अच्छी होती है।

यदि कन्या राशि में मंगल हो तो अच्छी शिक्षा प्राप्त होती है। संतान का सुख होता है। अच्छी बुद्धि वाला होता है।

यदि मंगल खाना नं 10 में अशुभ होगा तो ऐसा व्यक्ति को राजदरबार से हानि होती है। अशुभ कर्म करने वाला होता है।

यदि मंगल कर्क राशि में हो तो शादी-शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होती। तलाक तक हो जाता है। पिता के सुख में कमी आ जाती है।

यदि मंगल वृश्चिक राशि में हो तो छोटे भाई-बहन का सुख कम होता है। गले का रोग होता है। सरवाइकल दर्द होता है।

यदि मंगल मीन राशि में हो तो बड़े भाई-बहन का सुख कम होता है। उसके किसी एक बच्चे की शादी-शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होती।

उपाय:- 1. कभी भी दूध उबालते वक्त गिरना नहीं चाहिए। 2. चाचा ताऊ को मीठा खिलाएं। 3. हनुमान जी को सिन्दूर चढ़ाएं। 4. मीठे पान मित्रो को खिलाएं गुलकन्द वाला ।

मंगल खाना नं 11

यदि मंगल खाना नं 11 में शुभ हो तो ऐसे टेवे वाले व्यक्ति के मित्र धनवान होते है। अपने पैरों पर आप खड़े होने वाला होता है। बड़ों की इज्जत करने वाला होता है। शत्रुओं पर विजय पाने वाला होता हैं।

यदि मंगल वृष राशि में हो तो पिता का सुख होता है। राजदरबार से लाभ प्राप्त होता है लेकिन संतान सुख कम होता है।

यदि कन्या राशि में हो अपनी सेहत अच्छी होती है। पिता को जायदाद और वाहन का सुख होता है।

यदि मकर राशि में हो तो अच्छी किस्मत वाला होता है। धन एकत्रित करने वाला होता है। बड़े मामा-मौसी का सुख होता है।

यदि मंगल खाना नं 11 में अशुभ हो तो ऐसा व्यक्ति को धन नुकसान होता रहता है और कर्जदार हो जाता है।

यदि मंगल कर्क राशि में हो तो छोटे भाई बहन का सुख कम होता है।

यदि मंगल वृश्चिक राशि में हो तो माता का सुख कम होता है। जायदाद और वाहन का भी नुकसान होता है।

यदि मंगल मीन राशि में हो तो अपनी शादी-शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होती। पत्नी रोगी रहती है।

उपाय:- 1. मिट्टी के बर्तन में शहद भरकर दबाना । 2. भाई को मिठाई खिलाएं। 3. खाना नं 7 का लोटे वाला उपाय करें।

मंगल खाना नं 12

यदि मंगल खाना नं 12 में शुभ होगा तो ऐसा व्यक्ति मेहमान नवाजी करने वाला होता है। मिलनसार होता है। बुजुर्गो की सेवा करने वाला होता है। यदि वृश्चिक राशि का मंगल हो तो विदेश में शिक्षा प्राप्त करता है।

यदि मंगल खाना नं 12 में अशुभ होगा तो ऐसे व्यक्ति के बने बनाए काम बिगड़ जाते है और अहसान फरामोश होता है। ऐसे व्यक्ति के घर में जंग लगे हथियार या औजार पड़े होते है।

यदि मंगल सिंह राशि में हो तो शादी-शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होती या सगाई टूट जाती है।

मेष, धनु राशि में मंगल हो तो शादी शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होती या सगाई टूट जाती है।

सिंह राशि का मंगल होने से छोटे भाई-बहन के सुख में कमी आती है ।

उपाय:- 1. घर में या घर के छत पर जंग लगा हथियार मत रखें। 2. छोटे-छोटे बच्चों को दूध वाला देशी घी का हलवा ड्राई फूट डालकर खिलाएं। 3. खाना नं 7 का लोटे वाला उपाय करें। 4. 1200 ग्राम पताशे मन्दिर में मंगलवार को देना शुभ होगा। 5. पानी में नीम के पत्ते मिलाकर सूर्य को देन।

लाल किताब के उपाय

  1. लाल किताब से फलादेश करने की विधि
  2. जो नजर आता है वो होता नहीं
  3. लाल किताब किताब की दशाएं
  4. लाल किताब शब्दकोष
  5. लाल किताब के अनुसार पूजा कैसे करनी चाहिए ?
  6. लाल किताब के अनुसार पितृ ऋण
  7. लाल किताब के अचूक उपाय
  8. लाल किताब के अनुसार बृहस्पति का फलादेश और उपाय
  9. लाल किताब के अनुसार सूर्य का फलादेश और उपाय
  10. लाल किताब के अनुसार चंद्र का फलादेश और उपाय
  11. लाल किताब के अनुसार मंगल का फलादेश और उपाय
  12. लाल किताब के अनुसार बुध का फलादेश और उपाय
  13. लाल किताब के अनुसार शुक्र का फलादेश और उपाय
  14. लाल किताब के अनुसार शनि का फलादेश और उपाय
  15. लाल किताब के अनुसार राहू का फलादेश और उपाय
  16. लाल किताब के अनुसार केतू का फलादेश और उपाय
  17. लाल किताब के अनुसार दो ग्रहों का फलादेश और उपाय

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