लाल किताब के अनुसार राहू का फलादेश और उपाय
राहू छाया ग्रह है इसलिए अपने आप में राहू शुभ या अशुभ नहीं होता। जिस राशि में राहू बैठा हो उस ग्रह की तासीर के अनुसार शुभ अशुभ होगा। राहू संबन्धित वस्तुएं हाथी, बिल्ली।
राहू खाना नं 1
राहू यदि खाना नं 1 शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति राजा के समान स्वभाव वाला होता है। राहू एक वाले के ससुराल वाले अच्छे खानदान के होते हैं। नाना और मामू खानदान बहुत तरक्की करता है। कबीलदारी खर्चा अधिक होगा। लेकिन नेक कामों पर शानों शोकत वाला होता है। एक आला मालदार व्यक्ति होता है। राहु शुभ वाले के माथे पर काले रंग का तिल होता है।
यदि राहू खाना नं 1 में अशुभ हो तो ऐसा व्यक्ति दूसरों के काम में टांग अड़ाने वाला होता है। जन्म के वक्त मौसम में एक दम तबदीली हो जाती है। जन्म के वक्त ननिहाल में से कोई न कोई पास होता हैं। माथे पर या सिर पर चोट लगती है। राहू एक वाले के घर के सामने वाले के घर का हाल मन्दा होता है। धन दौलत लड़के पोते सब ही कायम होंगें।
फिर भी सब का सुख न होगा। खराब समय के वक्त कोई भी मददगार न होगा। शादी के बाद ससुराल से बिजली का सामान हानि का निशानी होगी। नौकरी व्यापार में हानि या तबदीली होती रहती है। तरक्की की कोई शर्त नहीं।
उपाय:- 1. सिक्का बहते पानी में बहाएं। 4 किलो का एक ही टुकड़ा। 2. कनक गुड़ तांबे के लोटे में भरकर बहते पानी में बहाएं। 3. बिल्ली के जेर अपने पास रखें। चमड़े के पर्स में नहीं। 4. चांदी का चौरस टुकड़ा गले में डालें। 5. बीमारी के समय, चार किलो जौ दूध में धोकर बहाएं। 6. नारियल बहते पानी में बहाएं वीरवार को। 7. घर के आंगन में आग और धुंआ न करें। 8. विवाह के बाद, ससुराल से बिजली लोहे का सामान न
लें ।
राहू खाना नं 2
राहू खाना नं 2 में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति धनवान होता है। ससुराल से लाभ प्राप्त करने वाला होता है। ननिहाल का प्रिय होता है। चेहर पर ठोढ़ी के पास काला तिल होता है। धार्मिक होता है। धन की बचत करने वाला होता है। आयु लम्बी होगी। सेहत उम्दा होगी। राजदरबार से लाभ प्राप्त होगा।
राहू यदि खाना नं 2 में अशुभ हो तो ऐसे व्यक्ति के चेहरे पर चोट का निशान होता है। निर्धन होता है। राहू खाना नं 2 वाला मन्दिर मे भी चोरी करने से बाज नहीं आता। पित्त का रोगी होगा। चर्म रोगी होगा। जुआरी होगा। ससुराल वालों के लिए अशुभ राजदरबार से हानि होती है। यदि उत्तर पश्चिम में रसोई होगी तो राहू खानदान का धुंआ निकाल देगा। किसी को समय देकर भी इंतजार न करने वाला होता है। जेल भी जाना पड़ सकता है। हर समय मानसिक तनाव रहेगा।
उपाय:- 1. चांदी की ठोस गोली गले में डालें। 2. सोना पहनना। 3. केसर का तिलक करना। 4. सरसों का दान करें या जल प्रवाह करें। 5. भंगी को रूपये पैसे देते रहें। 6. हाथी के पांव की मिट्टी कुएं में गिराएं। 7. हाथी की लीद अपने पास रखें।
राहू खाना नं 3
यदि राहू खाना नं 3 में शुभ हो तो ऐसे व्यक्ति को छोटे भाई-बहन का सुख होता है। व्यापार बढ़ता रहता है। नौकरी करता है। तरक्की भी बार-बार होती है। तबदीली कम होती है। खानदान का रक्षक होता है। पराक्रमी निडर होता है।
एकदम किसी की मदद करने को बेधड़क तैयार रहता है। संतान का सुख होता है। दुश्मन अनेक हों तो भी सब पर अकेला भारी पड़ता है। इसकी कलम में तलवार की ताकत होती है। सच्चे सपने देखने वाला होता है। बाजुओं या हाथों पर काले रंग का तिल होता है।
यदि राहू खाना नं 3 में अशुभ हो तो ऐसे व्यक्ति को छोटे भाई-बहन का सुख कम होता है। पड़ोसी अच्छे नहीं होते। छोटे साला-साली की शादी-शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होती। ससुराल वालों से कम बनती है। बाजू या हाथ पर चोट लगती है। काम में तबदीली करने वाला होता है। भाई-मित्रों पर पैसा बरबाद होता है और धोखा फरेब मिलता है। जुबान की बीमारी होगी।
उपाय:- 1. हाथी दांत या खिलौना घर पर न रखें। 2. धनिया जल प्रवाह करें।
राहू खाना नं 4
यदि राहू खाना नं 4 में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति माता का सेवक होता है। जमीन-जायदाद वाहन का सुख होता है। ससुराल उम्दा होता है। ननिहाल का सम्पूर्ण सुख होता है। नौकर-चाकर से युक्त होता है। उच्च पद पर आसीन होता है। दयालू होता है। सुखी परिवार वाला होता है।
यदि राहू खाना नं 4 में अशुभ हो तो ऐसा व्यक्ति माता के लिए कष्टकारी होता है। जमीन जायदाद का सुख कम होता है। वाहन सुख कम होता है या दुर्घटना वाहन द्वारा होती है। ससुराल के लिए भी कष्टकारी होता है। ननिहाल का सुख कम होता है। परस्त्री से संबंध रखने वाला होता है। मतबलपरस्त होता है।
उपाय- 1. सिक्के के चार टुकड़े जल प्रवाह करें। 2. पूजा वाले खड़कने वाले नारियल जल प्रवाह करें। 3. मसूर की दाल गरीब व्यक्ति को दें। 4. हाथी दान्त की बनी हुई कोई वस्तु दान करें। 5. कच्चे कोयले जल प्रवाह करें। 6. धनिया 400 ग्राम जल प्रवाह करें।
राहू खाना नं 5
यदि राहू खाना नं 5 में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति को संतान सुख होता है। शिक्षा अच्छी प्राप्त होती है। तांत्रिक विद्या का ज्ञाता होता है।
यदि कन्या राशि में राहू हो तो धनवान होता है। अक्लमंद होता है। राजदरबार से लाभ होता है। यदि राहू मीन राशि में हो तो धनवान होता है। कम्प्यूटर की शिक्षा प्राप्त करता है। गणित की भी शिक्षा प्राप्त करता है। एक अच्छा अर्थशास्त्री होता है। प्रेम विवाह करता है।
यदि कुंभ राशि में राहू हो तो माता का सुख होता है। जमीन जायदाद का सुख होता है। वाहन का सुख होता है। पेट पर काले रंग का तिल होता है।
यदि राहू खाना नं 5 अशुभ हो तो ऐसे व्यक्ति को संतान सुख कम होता है, गर्भपात तक हो जाता है। यदि टेवे वाला का गर्भपात न होगा तो उसकी संतान का गर्भपात अवश्य होगा। शिक्षा में रूकावट आएगी। शरारती बुद्धि का होता है।
यदि राहू वृष राशि में हो तो राजदरबार से हानि होती है और पिता का सुख कम होता है। धोखेबाज होता है।
यदि कुंभ राशि में राहू हो तो माता का सुख कम होता है। जमीन जायदाद का सुख कम होता है। वाहन का सुख कम होता है। दुर्घटना का भय होता है।
यदि मीन राशि में राहू हो तो धनहानि होती रहती है। शादी-शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होती। पत्नी बीमार रहती है। यदि कन्या राशि में हो तो धन हानि होती है। ऐसे व्यक्ति को पेट का रोग होता है या पेट का आपरेशन होता है या कोई और चोट लगती है।

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उपाय:- 1. अपनी पत्नी से दुबारा शादी करें। 2. रात को मूली सिरहाने रख कर सुबह मन्दिर में दें। 3. चाँदी का हाथी ठोस गले में डालें या अपने घर में रखें। 4. हाथी के खिलौने घर में न रखें। 5. दहलीज के नीचे चाँदी का पतरा लगाएं।
राहू खाना नं 6
यदि राहू नं 6 में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति पक्के इरादे वाला होता है। बहादुर होता है। शत्रुओं पर विजय पाने वाला होता है। मुकदमें में जीत हासिल करने वाला होता है। विदेश यात्रा करने वाला होता है। यहाँ राहु बिजली की ताकत का मालिक होता है। किसी भी परेशानी से अचानक बचा लाता है किसी को समझ में भी नहीं आता कि क्या हुआ। जातक हमेशा बढ़ता रहता है। सिक्के की गोली और काँच की गोली शुभ होगी। अच्छी सेहत होती है। नाभि के नीचे काले रंग का तिल होता है।
यदि राहू खाना नं 6 में अशुभ हो तो ऐसा व्यक्ति रोगी होता है। शत्रु अधिक होते हैं। और शत्रुओं से परास्त होता है। मुकदमें बाजी में भी हारता है। हत्या का भय होता है। नाना पर भारी होता है मामा भी कष्ट में रहते हैं। अचानक धन का नुकसान होता है। और कारण का पता भी नहीं लगता। रोगी होता है पर रोग का आसानी से पता नहीं लगता। कर्जदार होता है। नाभि के नीचे चोट लगती है या जिगर खराब होता है।
उपाय:- 1. सरस्वती की उपासना करें तीन फूलों से। 2. काले कुत्ते को रोटी दें। 3. जौ के आटे की गोलियां बनाकर मछलियों को डालें।
राहू खाना नं 7
यदि राहू खाना नं 7 शुभ हो तो ऐसे व्यक्ति की शादी-शुदा जिंदगी अच्छी होती है। सांझेदारी के व्यापार में लाभ प्राप्त करता है। बस्ती लिंग पर काले रंग का तिल होता है। 21 वें वर्ष में विवाह न करें। राजदरबार से लाभ प्राप्त होता है। किसी के आगे हाथ नहीं फैलाता है।
यदि राहू खाना नं 7 में अशुभ हो तो ऐसे व्यक्ति की शादी-शुदा जिंदगी अच्छी नहीं होती है। मित्र या सांझेदार धन खा जाते हैं। गुप्त बीमारी होती है। ससुराल भी कष्ट में होता है। ननिहाल के लिए भारी होता है। हारने वाला जुआरी होता है।
उपाय:- 1. 7 अल्युमिनियम के चम्मच जल प्रवाह करें। 2. चाँदी की ईट शादी के समय ससुराल वालों से लेकर पत्नी के हाथों से घर में रखें।(जब कन्यादान हो तब) 3. 21 वर्ष में शादी न करें। 4. एक बर्तन में गंगा जल भरकर उसमें चाँदी का खालसी टुकड़ा डाल कर बर्तन को ऊपर से टांका लगाकर घर में रखें और एक चांदी के बर्तन में गंगाजल डालकर उसमें भी चांदी का टुकड़े डालकर धर्मस्थान पर दें। 5. नारियल बहते पानी में बहाए।
खाना नं 8 राहू खाना
यदि राहू खाना नं 8 में शुभ हो तो ऐसे व्यक्ति का अगर भाग्य सोया हुआ हो तो पकड़कर जगा देगा और खाली तिजोरी भी धन से भर देगा। लम्बी आयु का होगा। घर का सबसे बड़ा सदस्य काले रंग का होगा। राहू शुभ होगा तो लिंग, गुदा पर काले रंग का तिल होगा। ससुराल खुशहाल होगा।
यदि राहू खाना नं 8 में अशुभ हो तो ऐसा व्यक्ति का धन झगड़ों में खर्च होता है। जातक की कोई मदद नहीं करता है। बवासीर का रोग होता है। खानदान वालो से भी नहीं बनती है। कार्य बारबार बदलने पड़ते हैं। अचानक मुसीबतें खड़ी होती रहती हैं। मानहानि होती रहती है। जेल तक भी जाना पड़ सकता है। धोखे ही मिलते रहते हैं।
उपाय:- 1. सदर दरवाजा बड़ा चौड़ाई में और ऊंचाई में ऊँचा रखें। 2. चाँदी का चौरस टुकड़ा मददगार होगा। 3. 8 पीस सिक्के के जल प्रवाह करें। 4. तांबे का पैसा भड़भूजे के भट्टी में डालें। 5. खोटे सिक्के जो बाजार में नहीं चलते जल प्रवाह करें।
राहू खाना नं 9
यदि राहू खाना नं 9 में शुभ हो तो ऐसे व्यक्ति का भाग्य छोटी उम्र में जाग जाता है। धार्मिक होता है। यात्रा में लाभ प्राप्त होता है। हकीम होगा। शफा का मालिक होगा। जब तक लालची न होगा फूंक मारकर पागलों का इलाज कर देगा। काले रंग का तिल जांघों पर होता है।
राहू खाना नं 9 में अशुभ हो तो मन्दा भाग्य होता है। गर्भपात होता रहता है। संतान सुख कम होता है। ससुराल से नहीं बनती है। धर्म-कर्म नहीं करता है। नास्तिक होता है। कुत्ता गुम हो जाता है। स्याह रिश्तेदार की मौत हो जाती है। हाथों के नाखून की बीमारी या नाखून जड़ जाते है। दहलीज के नीचे से घर का गन्दा पानी निकलना। घर में या पास में हर वक्त बिल्ली का रोना मन्दे राहू की निशानी है।
उपाय:- 1. दहलीज के बीच चाँदी का पत्तरा दबाएं। 2. सर पर चोटी रखें। 3. केसर का तिलक करें।
राहू खाना नं 10
यदि राहू खाना नं 10 में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति राजदरबार से लाभ प्राप्त करता है। पिता का सुख होता है। व्यापार स्थिर और अच्छा होता है। अच्छे चरित्र वाला होता है। समाज में इज्जत भी पाता है। घुटने के आस पास काले रंग का तिल होता है।
राहू खाना नं 10 में अशुभ हो तो ऐसे व्यक्ति को पिता का सुख कम होता है। राजदरबार से हानि उठानी पड़ती है। व्यापार बदलता रहता है। अपना स्वास्थ्य खराब होता है। पैतृक संपत्ति का नुकसान करने वाला होता है। तंग दिल कंजूस होता है। नंगा सिर रखना धन हानि करेगा। छत या ऊँची जगह से गिरता है। घुटने पर या घुटने के आसपास चोट लगती है।
उपाय:- 1. नंगे सिर न रहें। नीले काले रंग को छोड़ कर कोई भी टोपी पगड़ी पहने या स्क्राफ बांधें। 2. 4 किलो का एक सिक्का चलते पानी में डाले वीरवार को। 3. जौ किसी भारी वजन के नीचे दबाना अपने घर में शुभ होगा। 4. काले तिल या सरसों काले या नीले वस्त्र में बांध कर जल प्रवाह करना। 5. रोग में जौ गाय के मूत्र से सात बार धोकर चलते पानी में डालें। 6. जौ के आटे की गोलियाँ बनाकर मछलियों को डालना।
राहू खाना नं 11
यदि राहू खाना नं 11 में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति अच्छी आय कमाने वाला होता है। संतान सुख होता है। अपने पैरों पर आप खड़ा होता है। यदि किसी की मदद करेगा तो पूरी तरह करेगा धोखा नहीं देगा। सोने का काम उम्दा होता है। टांग पर काले रंग का तिल होता है।
राहू खाना नं 11 अशुभ हो तो ऐसे व्यक्ति की पिता की आय कम हो जाती है। धन हानि होती है। टांग पर चोट लगती है या दर्द होता है। बड़े भाई का सुख कम होता है। ससुराल और ननिहाल की स्थिति भी अच्छी नहीं रहती। पत्नी का पेट खराब रहता है। धन जुर्माना और बीमारियों में खर्च होता है। राहू वर्षफल में जब भी खाना नं 11 में आएगा बीमारियों और जुर्माना पर धन खर्च करवाएगा। अचानक बने बनाए काम बिगड़ जाते हैं पता ही नहीं चलता कि क्या हुआ।
उपाय:- 1. पिता के बाद सोना कायम करें और पिता की इस्तेमाल की हुई अशियों का खुद इस्तेमाल करें जैसे चारपाई, बिस्तरा, कपड़े, घड़ी आदि का। 2. चांदी के गिलास में पानी दूध पिए। 3. चांदी के केस और नाली का इस्तेमाल करें। सिगरेट के इस्तेमाल के समय। 4. चार किलो का सिक्का एक टुकड़ा और चार पूजा वाले नारियल जल प्रवाह करें। 5. 13 पूर्णिमा लगातार गंगा स्नान करें। 6. कच्चे कोयले जल प्रवाह करें। 7. मलका मसूर की दाल पिंगलवाड़ा में देना शुभ होगा ।
राहू खाना नं 12
यदि राहू खाना नं 12 में शुभ हो तो ऐसा व्यक्ति विदेश यात्रा से लाभ प्राप्त करता है। विदेश में कारोबार करता है। आयात-निर्यात का काम करता है। खर्चा बहुत होता है पर नेक कामों में होता है। रात को आराम की नींद आती है। ससुराल ननिहाल के लिए शुभ होता है। योगाभ्यास करने वाला होता है। ज्योतिष विद्या का ज्ञानी होता है। पैरों पर काले रंग का तिल अथवा चिन्ह का निशान होता है।
यदि राहू खाना नं 12 में अशुभ हो तो ऐसे व्यक्ति को विदेश यात्रा से हानि होती है। गन्दे कामों पर खर्चा अधिक होता है। रात को नींद नहीं आती है। शराब पीने वाला होता है। चोरी गबन होते रहते हैं। कितना भी दिन में मेहनत करके थक हार जाए पर रात को नींद नहीं आएगी। दिमागी परेशानी खड़ी रहेगी। जिस अंग से सन्यास की कोशिश करे वही अंग मन्दा हो जाएगा ध्यान लगाए तो दिमाग पागल हो जाएगा। आंखो से ध्यान लगाए तो अंधा हो जाएगा। एक टांग पर खड़ा होकर पूजा करे तो लंगड़ा हो जाएगा। नाहक ही तोहमत बदनामी पल्ले पड़ेगी। पैरों में चोट लगती है।
उपाय:- 1. सोने के कमरे में सौफ की बोरी या खाण्ड की बोरी या मूंगा कायम करें। 2. रोटी रसोईघर में बैठ कर खाएं। 3. कन्या और बहन की सेवा करें।
लाल किताब के उपाय
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- जो नजर आता है वो होता नहीं
- लाल किताब किताब की दशाएं
- लाल किताब शब्दकोष
- लाल किताब के अनुसार पूजा कैसे करनी चाहिए ?
- लाल किताब के अनुसार पितृ ऋण
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- लाल किताब के अनुसार केतू का फलादेश और उपाय
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