कुंडली में बंधन योग
कुंडली में बंधन योग यॉ जेल यात्रा योग ग्रहों की अशुभ स्थिति, खासकर शनि, मंगल, और राहु के प्रभाव से बनता है, जो 6वें (रोग, शत्रु), 8वें (अचानक संकट) और 12वें (कारावास, एकांत) भावों से संबंधित होते हैं; इन भावों में इन ग्रहों की युति या दृष्टि से ‘बंधन योग’ बनता है, जो कोर्ट-कचहरी, मुकदमे या जेल जाने की स्थिति पैदा कर सकता है, लेकिन शुभ ग्रहों के प्रभाव से इसके अशुभ फल कम हो सकते हैं। जेल योग के मुख्य ज्योतिषीय कारक (ग्रह और भाव):
मुख्य ग्रह (Key Planets): शनि (न्याय, सज़ा), मंगल (क्रोध, हिंसा, मुकदमे), राहु (विद्रोह, झूठे आरोप, जेल), और केतु।

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मुख्य भाव (Key Houses):
- 6वां भाव: मुकदमा, शत्रु, विवाद।
- 8वां भाव: अचानक संकट, कारावास, दंड।
- 12वां भाव: एकांत, कारावास, हानि, विदेश।

कुंडली में बंधन योग (Combinations)
- यदि कुंडली के बारहवें भाव में वृश्चिक या धनु राशि का राहु हो तो व्यक्ति को किसी बड़े अपराध के कारण जेल जाना पड़ता है।
- यदि कुंडली के बारहवें भाव में वृश्चिक राशि में राहु और शनि हो तो कोर्ट कचहरी के मामलों में हारने के बाद जेल जाना पड़ता है।
- यदि कुंडली के छठे घर में नीच का (कर्क राशि) मंगल होने से जेल यात्रा के योग बनाता है।
- यदि कुंडली में मंगल और शनि एक दूसरे को देख रहें हो तो लड़ाई झगड़े के कारण व्यक्ति को जेल जाना पड़ेगा।
- यदि कुंडली में नीच का (कर्क राशि) मंगल हो और नीच का (मेष राशि) शनि, मंगल को देखता भी हो तो भी जेल जाने के योग बनते हैं।
- मंगल और राहु की युति या 12वें भाव में इनकी स्थिति।
- पराक्रम भाव एवं अष्टम भाव का स्थान परिवर्तन सम्बन्ध, द्रष्टि सम्बन्ध यॉ दशा-अन्तर्दशा, ग्रह गोचर द्वारा दुर्भाग्य उद्दीपन होने पर जेल जाने की स्थिति प्रबलता से बनती है।
विभिन्न परिस्थितियाँ (Situations):
- 6, 8, 12 भावों में ग्रहों की स्थिति और दशा।
- जब पाप ग्रहों की दशा-अंतर्दशा चल रही हो और कुंडली में ये योग बन रहे हों।
कुंडली में बंधन योग के उपाय
- कुंडली में बंधन योग (जेल या कानूनी अड़चन) से मुक्ति के लिए हनुमान जी की पूजा सबसे प्रभावी है। हर मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमान जी का पूर्ण श्रृंगार कराएं। हनुमान जी को चोला चढ़ाएं और प्रसाद बांटें।
- जमीन पर या बहुत नीचे पलंग पर सोएं, जिससे मंगल की नकारात्मक ऊर्जा से बचा जा सके।
- पानी में अशोक के फूल या ताजी पत्तियां डालकर स्नान करने से भी बंधन योग का असर कम होता है।
- बंधन योग के ग्रहों की दशा-अंतर्दशा होने पर उनको शांत करने के उपाय करें।
निष्कर्ष (Conclusion): कुंडली में जेल यात्रा का योग केवल ग्रहों और भावों के संबंध से बनता है, लेकिन यह निश्चित नहीं होता; दशा-महादशा और शुभ ग्रहों के प्रभाव से इसके फल बदल सकते हैं, और कभी-कभी अच्छे व्यक्ति को भी परिस्थितिवश जेल जाना पड़ सकता है।
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