लाल किताब के अनुसार बृहस्पति का फलादेश और उपाय

लाल किताब के अनुसार बृहस्पति का फलादेश और उपाय बृहस्पति 4, 8, 12 (कर्क, वृश्चिक, मीन राशि में शुभ और 2, 6, 10 ( वृष, कन्या, मकर) राशि में अशुभ होता है। बृहस्पति से संबन्धित वस्तुएं बब्बर शेर, मेढ़क, मुर्गा । बृहस्पति खाना नं 1 लाल किताब के अनुसार एक Read more

लाल किताब के अचूक उपाय

लाल किताब के अचूक उपाय 1. यदि किसी व्यक्ति को लड़ाई झगड़े में मुकदमें बाजी में और किसी कारण मान हानि का खतरा हो शनि किसी भी खाने में बैठा हो तो सरसों का तेल मिट्टी के लोटे में भरकर किसी खड़े गन्दे पानी में डुबाएं। फौरन फल की प्राप्ति Read more

लाल किताब के अनुसार पितृ ऋण

लाल किताब के अनुसार पितृ ऋण ‘करे कोई भरे कोई’ को ‘पितृ-ऋण’ कहते हैं। अपने पूवर्जो के बुरे कर्मों का फल उसके वंशज में किसी एक को भोगना पड़ता है । 1. सूर्य का पितृ ऋण – यदि शुक्र, शनि भाव 5 में हों तो सूर्य का पितृ ऋण होता Read more

लाल किताब के अनुसार पूजा कैसे करनी चाहिए ?

लाल किताब के अनुसार पूजा कैसे करनी चाहिए ? लाल किताब के अनुसार किस को पूजा नहीं करनी चाहिए और कैसे करनी चाहिए ? जैसे दूसरा भाव खाली होने पर और आठवें भाव में कोई ग्रह होने पर घर में मन्दिर बनाकर पूजा नही करनी चाहिए और किसी धर्म स्थान Read more

लाल किताब शब्दकोष

ग्रहों की राशियाँ राहु केतु ग्रह छाया ग्रह है इनकी अपनी कोई राशि नहीं होती। राहु केतु जिस राशि में भ्रमण कर रहें होते हैं उस राशि के ग्रह स्वामी का फल करते हैं। ग्रहों की दृष्टियां सूर्य अपने से सातवें घर को देखता है। चन्द्र अपने से सातवें घर Read more

लाल किताब किताब की दशाएं

लाल किताब किताब की दशाएं इस ब्रह्माण्ड में 12 राशियां और 27 नक्षत्र है। 7 ग्रह और दो छाया ग्रह है। हर एक ग्रह उपने निर्धारित समय तक प्रत्येक राशि में रह कर अपना चक्र पूरा करता है। जैसे शनि ग्रह एक राशि में ढाई वर्ष रहता है और 30 Read more

जो नजर आता है वो होता नहीं

इसके कुछ उदाहरण इस प्रकार है। 1. यदि शनि मेष राशि में हो और मंगल वृश्चिक राशि में हो तो शनि शुभ हो जाएगा। इस कुण्डली में शनि मेष राशि में चौथे खाने में विराजमान है और मंगल ग्यारहवें खाने में विराजमान है शनि मेष राशि में अशुभ होता है। Read more

लाल किताब से फलादेश करने की विधि

लाल किताब से फलादेश करने की विधि कुण्डली देखने के लिए अत्यन्त आवश्यक है। कुण्डली देखने वाले को इस बात का ज्ञान होना कि कौन सा ग्रह नीच का है। या उच्च का है और हर भाव के बारे में कि कौन से भाव से आपके शरीर का अंग या Read more

कुंडली में संतान योग कैसे देखें ?

कुंडली में संतान योग संतान का विचार पंचम भाव, उसके स्वामी, कारक गुरु, नवम भाव तथा नवमेश इन सब द्वारा करना चाहिए। यदि ये सब निर्बल अथवा पापयुक्त व पापदृष्ट हों तो संतान की प्राप्ति नहीं होती । 1. पंचम भाव 2. पंचमेश 3. संतान का कारक गुरु 4. शुक्र Read more

कुंड्ली में शिक्षा के योग

कुंड्ली में शिक्षा के योग शिक्षा व ज्योतिष का भी परस्पर विशेष संबंध है। जब हम किसी व्यक्ति की शिक्षा के संबंध में ज्योतिषीय अध्ययन करते हैं तो कुण्डली के लग्न, द्वितीय, चतुर्थ तथा पंचम्‌ भावों के कारक ग्रह सूर्य, बुध, चन्द्रमा और बृहस्पति एवं शुक्र की पारस्परिक स्थिति को Read more