हाथ की बनावट एवम प्रकार

हाथ की बनावट एवम प्रकार मणिबन्ध वह भाग है, जो भुजा को हाथ से जोड़ने में एक कड़ी के रूप में कार्य करता है। मणिबन्ध के आगे का सम्पूर्ण भाग हथेली कहलाता है और इस हथेली पर पाये जाने वाले चिन्ह हस्तरेखा विशेषज्ञ के लिए अत्यन्त आवश्यक होते हैं। मणिबन्ध Read more

हस्तरेखा शास्त्र

हस्तरेखा शास्त्र ईश्वर ने हाथ में जो रेखाएं अंकित की हैं, वे बहुत सोच-समझकर अंकित की हैं। हाथ में पाई जाने वाली प्रत्येक रेखा का अपना महत्व है और किसी भी एक रेखा का सम्बन्ध दूसरी रेखा से होता है। एक कुशल हस्तरेखा विशेषज्ञ को चाहिए कि वह हथेली पर Read more

हाथ किस प्रकार देखना चाहिये

हाथ किस प्रकार देखना चाहिये हस्तरेखाविद् को हाथ देखने के लिए व्यक्ति के ठीक सामने बैठना चाहिये ताकि रोशनी सीधे उसके हाथों पर पड़े। उस समय वहां किसी तीसरे व्यक्ति को खड़े होने देना या बैठने देना भी उचित नहीं, क्योंकि ऐसा व्यक्ति अनजाने में दोनों के ध्यान को बंटा Read more

हस्तरेखा में समय विभाजन की विधि

हस्तरेखा में समय विभाजन की विधि मैं घटनाओं के घटित होने के समय और के बारे में ज्ञात करने के लिये एक पद्धति का प्रयोग करता हूं। इस पद्धति को मैंने सदा ही ठीक पाया है और इसीलिये मैं इस पर ध्यान देने की सिफारिश करता हूं। यह सात की Read more

रेखाओं द्वारा प्रदर्शित पागलपन की विभिन्न अवस्थाएं

पागलपन की विभिन्न अवस्थाएं प्रायः कहा जाता है कि प्रत्येक व्यक्ति किसी न किसी रूप में पागल है, लेकिन जब यह पागलपन सनकीपन से भी आगे निकल जाता है तो मनुष्य को पागल कहकर पुकारा जाता है। पागलपन के कई प्रकार होते हैं और इसीलिए हाथ पर भी अनेक प्रकार Read more

हत्या | आत्महत्या करने वालों का हाथ

हत्या | आत्महत्या करने वालों का हाथ अब मैं कुछ ऐसे हाथों की चर्चा करूंगा जो रेखाओं, चिह्नों अथवा अपनी प्रवृत्ति के कारण अलग व्यक्तिगत चरित्र को प्रदर्शित करते हैं। शायद ही कभी ऐसा हो कि कोई एक चिह्न या विशेषता हाथ पर किसी व्यक्ति की प्रकृति को नष्ट या Read more

यात्रा रेखा और दुर्घटना रेखा का फलादेश

यात्रा रेखा और दुर्घटना रेखा यात्राओं की सूचना देने के दो साधन हैं। एक चन्द्र पर्वत क्षेत्र पर गहरी रेखाओं को देखकर तथा दूसरा उन बारीक रेखाओं को देखकर जो जीवन रेखा से निकलती हैं, लेकिन उसके साथ-साथ चलती जाती हैं (देखिए रेखाकृति 1 J ) । यदि जीवन रेखा Read more

हथेली पर बृहत् त्रिकोण और चतुष्कोण का महत्व

हथेली पर बृहत् त्रिकोण और चतुष्कोण बृहत त्रिकोण का निर्माण जीवनरेखा, मस्तिष्क रेखा एवं स्वास्थ्य रेखा से मिल कर होता है (देखिए रेखाकृति 1 )। जैसा कि प्रायः होता है, यदि हाथ में स्वास्थ्य रेखा न हो तो इस प्रकार के त्रिकोण को पूरा करने के लिए एक काल्पनिक रेखा Read more

हथेली पर क्रॉस का निशान का फलादेश

हथेली पर क्रॉस का निशान नक्षत्र चिह्न से एकदम विपरीत गुणन चिह्न होता है। यह कभी भी अनुकूल चिह्न के रूप में नहीं पाया जाता तथा व्यक्ति के जीवन में निराशा, संकट और कभी-कभी तो परिस्थितियों में भी परिवर्तन का सूचक होता है। 1. लेकिन एक स्थिति ऐसी भी है, Read more

हथेली पर नक्षत्र का फलादेश

हथेली पर नक्षत्र का फलादेश हाथ पर नक्षत्र की स्थिति, चाहे वह कहीं भी हो, अत्यन्त महत्त्वपूर्ण होती है। मैं नहीं मानता कि यह चिह्न सदा ही किसी ऐसे संकट के सूचक होते हैं जिससे बच निकलने का कोई उपाय न हो। वास्तव में एक-आध स्थान को छोड़कर यह चिह्न Read more