प्रश्न कुंडली से कार्य सिद्धि का विचार

प्रश्न कुंडली से कार्य सिद्धि का विचार प्रश्न ज्योतिष, ज्योतिष की वह विधा है जिसमें जातक के प्रश्न पूछने के समय और स्थान के आधार पर कुंडली बनाई जाती है और उसके आधार पर फलादेश किया जाता है। यह जन्म समय/तिथि न होने पर भी काम करती है और तत्कालीन Read more

प्रेम में असफलता के ज्योतिषीय कारण

प्रेम में असफलता के ज्योतिषीय कारण प्रेम में सफलता यॉ असफलता के अध्ययन के लिए पचम भाव, पंचमेश और प्रेम के कारक शुक्र का अध्ययन करना चाहिए। 1. पंचम भाव में 2. पंचमेश 3. प्रेम का कारक शुक्र 4. नवमांश 5. पंचम और सप्तम का सम्बंध भी प्रेम विवाह करवाता Read more

ग्रहों के संबंध का दशाफल पर प्रभाव

ग्रहों के संबंध का दशाफल पर प्रभाव किसी ग्रह की दशा-अन्तर्दशा में परिणामों की सही विवेचना अत्यंत महत्त्वपूर्ण है। महादशानाथ और अन्तर्दशानाथ के मध्य का संबंध ही परिणामों की दिशा तय करने का सूत्र है। संबंधी और सधर्मी ग्रह महादशानाथ के संदर्भ में अन्तर्दशानाथ को दो मुख्य वर्गों में रख Read more

कुंडली के अनुसार करियर का चुनाव

कुंडली के अनुसार करियर का चुनाव कुंडली में व्यापार या नौकरी को दशम भाव से देखा जाता है। दशम भाव के स्वामी को दशमेश या कर्मेश कहते हैं। इस भाव से यह देखा जाता है कि व्यक्ति नौकरी करेगा या व्यापार करेगा। यदि व्यापार करेगा तो कौन सा और उसे Read more