लाल किताब के अचूक उपाय
लाल किताब के अचूक उपाय 1. यदि किसी व्यक्ति को लड़ाई झगड़े में मुकदमें बाजी में और किसी कारण मान हानि का खतरा हो शनि किसी भी खाने में बैठा हो तो सरसों का तेल मिट्टी के लोटे में भरकर Read more
लाल किताब के अचूक उपाय 1. यदि किसी व्यक्ति को लड़ाई झगड़े में मुकदमें बाजी में और किसी कारण मान हानि का खतरा हो शनि किसी भी खाने में बैठा हो तो सरसों का तेल मिट्टी के लोटे में भरकर Read more
लाल किताब के अनुसार पितृ ऋण ‘करे कोई भरे कोई’ को ‘पितृ-ऋण’ कहते हैं। अपने पूवर्जो के बुरे कर्मों का फल उसके वंशज में किसी एक को भोगना पड़ता है । 1. सूर्य का पितृ ऋण – यदि शुक्र, शनि Read more
लाल किताब के अनुसार पूजा कैसे करनी चाहिए ? लाल किताब के अनुसार किस को पूजा नहीं करनी चाहिए और कैसे करनी चाहिए ? जैसे दूसरा भाव खाली होने पर और आठवें भाव में कोई ग्रह होने पर घर में Read more
ग्रहों की राशियाँ राहु केतु ग्रह छाया ग्रह है इनकी अपनी कोई राशि नहीं होती। राहु केतु जिस राशि में भ्रमण कर रहें होते हैं उस राशि के ग्रह स्वामी का फल करते हैं। ग्रहों की दृष्टियां सूर्य अपने से Read more
लाल किताब किताब की दशाएं इस ब्रह्माण्ड में 12 राशियां और 27 नक्षत्र है। 7 ग्रह और दो छाया ग्रह है। हर एक ग्रह उपने निर्धारित समय तक प्रत्येक राशि में रह कर अपना चक्र पूरा करता है। जैसे शनि Read more
इसके कुछ उदाहरण इस प्रकार है। 1. यदि शनि मेष राशि में हो और मंगल वृश्चिक राशि में हो तो शनि शुभ हो जाएगा। इस कुण्डली में शनि मेष राशि में चौथे खाने में विराजमान है और मंगल ग्यारहवें खाने Read more
लाल किताब से फलादेश करने की विधि कुण्डली देखने के लिए अत्यन्त आवश्यक है। कुण्डली देखने वाले को इस बात का ज्ञान होना कि कौन सा ग्रह नीच का है। या उच्च का है और हर भाव के बारे में Read more
कुंडली में संतान योग संतान का विचार पंचम भाव, उसके स्वामी, कारक गुरु, नवम भाव तथा नवमेश इन सब द्वारा करना चाहिए। यदि ये सब निर्बल अथवा पापयुक्त व पापदृष्ट हों तो संतान की प्राप्ति नहीं होती । 1. पंचम Read more
कुंड्ली में शिक्षा के योग कुंडली में पंचम भाव से शिक्षा का विचार किया जाता है। पंचम भाव एवं पंचमेश तथा शिक्षा कारक बुध की स्थिति जितनी अच्छी होगी, जातक की शिक्षा उसी के अनुसार अच्छी होगी । 1. पंचम Read more
अष्टकूट मिलान यॉ कुण्डली मिलान अष्टकूट मिलान हिन्दू ज्योतिष में विवाह के लिए वर-वधू की कुंडलियों का मिलान करने की एक प्रणाली है, जिसमें 8 विभिन्न पहलुओं (कूट) जैसे वर्ण, वश्य, तारा, योनि, गण, भकूट और नाड़ी की जाँच की Read more