स्फटिक और पारद के उपाय

स्फटिक और पारद के उपाय ईश्वरीय शक्ति एवं प्रकाश से भरपूर स्फटिक (Crystal) का प्रयोग सदियों से ही हमारे संत महात्मा एवं सिद्ध व्यक्ति अपनी प्राण ऊर्जा को विकसित करने तथा नकारात्मक भावनाओं, वातावरण एवं रोगों से बचने के लिए Read more

ज्योतिष में शंख के उपाय एवम प्रयोग

ज्योतिष में शंख के उपाय एवम प्रयोग हर मंगल कार्य का प्रारंभ शंख ध्वनि से होता है क्योंकि शंख ध्वनि से काल कंटक दूर भागते हैं और चारों ओर का वातावरण परिशुद्ध हो जाता है। भारतीय धर्म शास्त्रों में शंख Read more

यंत्र पूजा के रहस्य और लाभ

यंत्र पूजा के रहस्य और लाभ प्रस्तुत पोस्ट में यंत्रों के बारे में विस्तृत व्याख्या, यंत्रों की उत्पत्ति, उपादेयता, धारण विधि, मंत्र, मुहूर्त व लाभ आदि के बारे में जानकारी दी गयी है। इस पोस्ट के अध्ययन से पाठक अनेक Read more

रुद्राक्ष की सम्पूर्ण जानकारी

रुद्राक्ष की सम्पूर्ण जानकारी प्रस्तुत पोस्ट में सभी प्रकार के रुद्राक्षों का वर्णन धारणविधि, मंत्र, विनियोग, रहस्य आदि का विस्तृत विवरण है। रुद्राक्ष की उत्पत्ति पौराणिक ग्रन्थों के अनुसार रुद्राक्ष के जन्मदाता स्वयं भगवान् शिव हैं। इसका प्रमाण लिंग पुराण, Read more

लाल किताब के उपाय

लाल किताब के उपाय किंवदंती है कि लंकाधिपति रावण ने सूर्य के सारथि अरुण से इस इल्म का सामुद्रिक ज्ञान संस्कृत में ग्रंथ के रूप में ग्रहण किया था। रावण की तिलिस्मी दुनिया समाप्त होने के पश्चात् यह ग्रंथ किसी Read more

लाल किताब आधारित दोष एवं उसके उपाय

लाल किताब आधारित दोष एवं उसके उपाय भारतीय ज्योतिष में फलकथन की अनेक पद्धतियां हैं जिनमें लाल किताब पद्धति सर्वाधिक प्रचलित है। उत्तर भारत में विशेषकर पंजाब प्रांत में लाल किताब अधिक लोकप्रिय हुई। इसमें वर्णित सहज सरल उपाय इसकी Read more

रत्नों का बीमारियों पर प्रभाव

रत्नों का बीमारियों पर प्रभाव माणिक्य अजीर्ण : जिस व्यक्ति ने वर्मा के माणिक्य को सोने की अंगूठी में धारण कर रखा हो, वह कुनकुने पानी में अंगूठी को 13 मिनट तक हिलाए एवं उस पानी को पी ले। यदि Read more

उपरत्नों का महत्व ऐवम उपयोग

उपरत्नों का महत्व ऐवम उपयोग उपरत्न : नीली नीलम का सर्वश्रेष्ठ उपरत्न नीली है, श्रेष्ठ नीली पूर्णरूपेण पारदर्शक तथा कुछ श्याम सी आभा लिए हुये नीले रंग की होती है। दोष युक्त नीली धारण करना श्रेष्ठ नहीं होता। यह रत्न Read more

नव ग्रहों के रत्न और उनके गुण दोष

माणिक्य भगवान सूर्य को ग्रहराज कहा जाता है, इन्हीं के प्रताप से मानव जीवन का विकास होता है. कुण्डली में सूर्य की क्षीण स्थिति को शक्तिपूर्ण बनाने के लिए सूर्यरत्न माणिक्य धारण के लिए परामर्श दिया जाता है। माणिक्य एक Read more

रत्न एवं ग्रहों के संबंध पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण

औषधि मणि मंत्राणां ग्रह नक्षत्र तारिका । भाग्य काले भवेत्सिद्धिः अभाग्यं निष्फलं भवेत् । । औषधि, रत्न एवं मंत्र ग्रह जनित रोगों को दूर करते हैं। यदि समय सही हो, तो इनसे उपयुक्त फल प्राप्त होते हैं। विपरीत समय में Read more