मूलांक 1 के गुण-दोष और भग्यवर्धक उपाय

मूल अंक बनाना यहाँ आपको मूल अंक अर्थात मूलांक बनाना बता रहे हैं। यह जन्म की तारीख से बनाया जाता है। मान लो किसी व्यक्ति की जन्म तारीख एक है, तो उसका मूलांक 1 होगा। इसी प्रकार 2 का 2, Read more

अंको की रहस्यमयी शक्ति

हम संसार में भिन्न भिन्न वस्तुएँ देखते हैं जिनके रूप अनेक हैं। दो या अनेक रंगों के मिलने से कुछ नये रंग बन जाते हैं। जैसे पीला और लाल मिलाने से नारंगी रंग बन जाता है। नीला और पीला मिलाने Read more

अंकों की उत्पत्ति

अंक या संख्या का शब्द एवं क्रिया से घनिष्ट संबंध है। (0) शून्य निराकार ब्रह्म या अन्त का प्रतीक है। शून्य से सृष्टि की उत्पत्ति हुई है एवं शून्य में ही सब कुछ विलीन हो जाता है। यह शून्य सूक्ष्म Read more

विविध प्रश्न

क्या मेरा सामान बिना बाधा के पहुंच जाएगा ? 1. चंद्र चर राशि में केंद्र में स्थित हो तो सामान सुरक्षित पहुंच जाता है। 2. निर्बल अशुभ ग्रह 3, 6, 9, 12 भावों में स्थित हों और शुभ ग्रह बली Read more

प्रश्न कुंडली से जेल यात्रा का विचार

राहु कारावास का कारक है और द्वादश इसका भाव है। लग्न या लग्नेश, द्वादश या द्वादशेश का संबंध राहु से हो तो कारावास होता है। उपरोक्त योग में चतुर्थ या चतुर्थेश का संबंध हो तो कारावास देश के हितार्थ होता Read more

प्रश्न कुंडली से राजनीति का विचार

दशम भाव प्रशासन का अधिकार देता है। लग्न और लग्नेश प्राप्तकर्ता हैं। चतुर्थ भाव जनता है, नवम भाग्य, 2 और 11 भाव चुनाव लड़ने के लिए धन जुटाते हैं। तृतीय भाव चुनाव लड़ने की हिम्मत देता है, छठा भाव दूसरों Read more

प्रश्न कुंडली से लाभ-हानि का विचार

लाभ या हानि के बारे में जानने के लिए 1, 2, 5, 7, 11 भावों का विचार किया जाता है। इन भावों में बली शुभ ग्रह स्थित हों तो जातक को लाभ होगा। अशुभ ग्रह स्थित होने पर हानि होगी। Read more

प्रश्न कुंडली से न्यायाधीन विवाद का विचार

न्यायाधीन विवाद वादी वह व्यक्ति है जो अदालत में जाकर न्याय की फरियाद करता है। प्रतिवादी वह व्यक्ति है जिसके विरूद्ध मुकदमा दायर किया जाता है। 3 से 8 तक भाव प्रतिवादी के प्रतिनिधि हैं। 9 से 2 तक भाव Read more

प्रश्न कुंडली से संतान का विचार

संतान का विचार पंचम भाव, पंचमेश, पंचम में स्थित ग्रह, पंचम पर दृष्टि डालने वाले ग्रह, पंचमेश से युति वाले ग्रह, पंचम से पंचम अर्थात नवम भाव और कारक बृहस्पति से पंचम भाव और बृहस्पति से किया जाता है। सप्तम Read more

प्रश्न कुंडली से विवाह का विचार

विवाह का विचार द्वितीय और सप्तम भाव और उनके अधिपतियों द्वारा और कारक शुक्र और चंद्र द्वारा किया जाता है। वर को वधु प्राप्त होगी, अगर 1. शनि लग्न के अतिरिक्त किसी भाव में सम राशि में स्थित हो । Read more