कुंडली के बारहवें भाव का फलादेश

कुंडली के बारहवें भाव का फलादेश १२ वां भाव हानियों, अपव्यय, व्यय, जब्ती, शयन सुख, बाई आंख, पांव, देह धारण, देवी ज्ञान, धर्मपरायणता और अन्तिम मोक्ष के लिए होता है। द्वादशेश का विभिन्न भावों में फल 1. प्रथम भाव में Read more

कुंडली के ग्यारहवें भाव का फलादेश

कुंडली के ग्यारहवें भाव का फलादेश एकादश भाव लाभ, बड़ा भाई, मित्र, अधिग्रहण, दयनीयता से मुक्ति और प्रसन्नता के लिए होता है। ११ वें भाव पर बुरे प्रभाव होने के फलस्वरूप भाई, मित्र की हानि हो सकती है, धन की Read more

कुंडली के दसवें भाव का फलादेश

कुंडली के दसवें भाव का फलादेश दसवें भाव से जीविका, व्यवसाय, सांसारिक सम्मान, विदेश यात्रा, आत्म सम्मान, ज्ञान और प्रतिष्ठा तथा जीविका के साधन का विचार किया जाता है। किसी कुण्डली के विश्लेषण में सबसे कठिन और अति महत्वपूर्ण व्यवसाय Read more

कुंडली के नौवें भाव का फलादेश

कुंडली के नौवें भाव का फलादेश नवम भाव पिता, धर्मपरायणता, गुरु, पोते पोतियां, अन्तर्ज्ञान, धर्म, सहानुभूति, प्रसिद्धि, दानशीलता, नेतृत्व, लम्बी यात्रा और आत्मा के साथ बातचीत का द्योतक होता है। नवम भाव के भीतर आने वाली घटनाओं पर विचार करते Read more

कुंडली के आठवें भाव का फलादेश

कुंडली के आठवें भाव का फलादेश अष्टम भाव से आयु, पैत्रिक सम्पति, उपहार और अनअर्जित धन, मृत्यु के स्वरूप, अपयश, अपमान और मृत्यु से सम्बन्धित विवरण का विचार किया जाता है। अष्टमेश का विभिन्न भावों में फल 1. प्रथम भाव Read more

कुंडली के सातवें भाव का फलादेश

कुंडली के सातवें भाव का फलादेश सप्तम भाव मुख्यतः विवाह, पत्नी या पति और विवाहित सुख से सम्बन्धित होता है। सप्तम भाव का विश्लेषण करने में निम्नलिखित तीन बातों पर विधिवत् विचार करना चाहिए । विभिन्न भावों में सप्तमाधिपति का Read more

कुंडली के छठे भाव का फलादेश

कुंडली के छठे भाव का फलादेश छठा भाव दुर्घटना, रोग, शत्रु, मानसिक उत्पीड़न, मामा और दुर्भाग्य का कारक होता है । यदि छठा भाव पीड़ित हो तो इसके फलस्वरूप जातक रोगी या कमजोर हो सकता है या उसके शत्रु हो Read more

कुंडली के पांचवें भाव का फलादेश

कुंडली के पांचवें भाव का फलादेश पांचवां भाव बच्चों, आवेग, भावना, ईश्वर में विश्वास और पूर्व पुण्य के लिए होता है। कुछ सीमा तक यह चिन्तन प्रवृत्ति से भी संबंधित होता है। चौथे भाव के संबंध में प्रारम्भ में दी Read more

कुंडली के चौथे भाव का फलादेश

कुंडली के चौथे भाव का फलादेश चतुर्थ भाव माँ, अचल सम्पत्ति, शिक्षा, सवांरी और सामान्य सुख से सम्बन्धित होता है। इससे यह स्पष्ट है कि चौथे भाव के पीड़ित होने पर वह व्यक्ति मानसिक शान्ति से वंचित रह सकता है Read more

कुंडली के तीसरे भाव का फलदेश

कुंडली के तीसरे भाव का फलदेश तीसरा भाव भाई बहन और सामान्य सम्बन्धियों के लिए होता है । यह साहस को भी नियन्त्रित करता है। तीसरा भाव गला, कान और पिता की मृत्यु से भी सम्बन्धित होता है। भाई बहन Read more