कुंडली दर्पण
दूसरे भाव में सभी ग्रहों और राशियों का फलादेश
दूसरे भाव में सभी ग्रहों और राशियों का फलादेश कुण्डली का द्वितीय भाव भी महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस भाव से संचित द्रव्य, पैत्रिक धन, कुटुम्ब मित्र, भाषण कला, सुख भोग, संचित पूँजी, मुत्यु के कारण, मृत्यु का स्थान आदि का ज्ञान होता है । आर्थिक मामलों का सम्बन्ध विशेषतः Read more