कर्क लग्न में मंगल का फलादेश

कर्क लग्न में मंगल का फलादेश कर्क लग्न में मंगल परम योगकारक ग्रह होता है। कर्क लग्न में मंगल का फलादेश प्रथम भाव में लग्न में स्थित होने के कारण यह नीच राशिगत हो जाएगा। पंचमेश एवं दशमेश होने के कारण विद्वान लोग मानते हैं कि कर्क लग्न में मंगल Read more

कर्क लग्न में चन्द्रमा का फलादेश

कर्क लग्न में चन्द्रमा का फलादेश कर्क लग्न में चन्द्रमा का फलादेश प्रथम भाव में लग्नेश चन्द्र प्रथम भाव में स्थित होने से ऐसा जातक माता-पिता द्वारा तरस कर ली गई संतान होती है। जातक माता-पिता की विलम्ब से प्राप्त संतति होती है। ऐसा जातक स्त्री या माता की सलाह Read more

कर्क लग्न में सूर्य का फलादेश

कर्क लग्न में सूर्य का फलादेश कर्क लग्न में सूर्य का फलादेश प्रथम भाव में कर्क लग्न में सूर्य धनेश होगा। धनेश का स्वगृहाभिलाषी होकर लग्न में बैठना अत्यन्त शुभ है। ऐसा जातक अपने स्वयं के पराक्रम व पुरुषार्थ से अच्छा रुपया कमाता है। ऐसा जातक सूर्य के समान तेजस्वी Read more

वृष लग्न में केतु का फलादेश

वृष लग्न में केतु का फलादेश राहु और केतु दोनों छायाग्रह हैं, पापग्रह हैं, अंधेरे के प्रतीक हैं और सूर्य, चन्द्र के शत्रु हैं। राहु राक्षस का सिर है, सर्प का मुख है अतः ज्यादा डरावना व घातक है। जबकि केतु राक्षस का धड़ है, सर्प की पूंछ अतः ज्यादा Read more

वृष लग्न में राहु का फलादेश

वृष लग्न में राहु का फलादेश वृष लग्न में लग्नस्थ राहु उच्च का होता है। वृष लग्न में राहु का फलादेश प्रथम स्थान में प्रायः लग्नस्थ राहु से मनुष्य अपनी उम्र से अधिक एवं कुरूप प्रतीत होता है किन्तु वृष लग्न में राहु वाला व्यक्ति युवा, सुंदर एवं आकर्षक व्यक्तित्व Read more

वृष लग्न में शनि का फलादेश

वृष लग्न में शनि का फलादेश वृष लग्न में शनि भाग्येश एवं राज्येश है। अतः शनि यहां परम राजयोग एवं अति शुभ फलदायी ग्रह है। वृष लग्न में शनि का फलादेश प्रथम स्थान में यहां लग्नस्थ शनि वृष राशि में है। वृष राशि शनि की मित्र राशि है। लग्नस्थ शनि Read more

वृष लग्न में शुक्र का फलादेश

वृष लग्न में शुक्र का फलादेश वृषलग्न के लिए शुक्र लग्नेश व षष्टेश | होने से एक दुःस्थान का स्वामी है। फलतः यह अशुभ फल प्रदाता भी है परन्तु लग्नेश कभी अशुभ नहीं होता। वृष लग्न में शुक्र का फलादेश प्रथम स्थान में शुक्र लग्न में स्वगृही होने से मालव्योग Read more

वृष लग्न में गुरु का फलादेश

वृष लग्न में गुरु का फलादेश वृष लग्न में बृहस्पति लाभेश व अष्टमेश है। गुरु यहां अष्टमेश होने से मारकेश का फल देगा। वृष लग्न में गुरु का फलादेश प्रथम स्थान में लग्नस्थ बृहस्पति वृष राशि में है जो कि बृहस्पति की शत्रु राशि है। यहां बैठकर बृहस्पति ‘कुलदीपक योग’, Read more

वृष लग्न में बुध का फलादेश

वृष लग्न में बुध का फलादेश वृष लग्न में बुध धनेश व पंचमेश होने से राजयोग कारक है। वृष लग्न में बुध का फलादेश प्रथम स्थान में प्रथम स्थान में वृष राशिगत बुध अपने मित्र शुक्र की राशि में है। बुध यहां दिग्बली है एवं ‘कुलदीपक योग’ की सृष्टि भी Read more

वृष लग्न में मंगल का फलादेश

वृष लग्न में मंगल का फलादेश वृष लग्न में मंगल सप्तमेश व खर्चेश है। मंगल यहां द्वितीय मारकेश होने में अशुभ फलदाता है। वृष लग्न में मंगल का फलादेश प्रथम स्थान में वृष राशि में लग्नस्थ मंगल व्यक्ति को विलासी बनाता है। ऐसा जातक भोग और ऐश्वर्य की प्राप्ति हेतु Read more