मिथुन लग्न में मंगल का फलादेश

मिथुन लग्न में मंगल का फलादेश मिथुन लग्न में मंगल का फलादेश प्रथम स्थान में मिथुनलग्न में षष्टेश व लाभेश होने के कारण मंगल अशुभ फलदायक है। मंगल की प्रकृति उग्र, उष्ण व क्रूर है। मिथुन राशि भी उग्र, उष्ण व कूर है फलत: मिथुन लग्न में मंगल सकारात्मक ऊर्जा Read more

मिथुन लग्न में चंद्रमा का फलदेश

मिथुन लग्न में चंद्रमा का फलदेश मिथुन लग्न में चंद्रमा का फलदेश प्रथम स्थान में मिथुन लग्न में चंद्रमा द्वितीयेश होने के कारण मुख्य मारकेश है। अपने पुत्र बुध के लग्न में चन्द्रमा थोड़ा उद्विग्न रहता है क्योंकि बुध अपने पिता चन्द्रमा का परम शत्रु है। जबकि चंद्रमा बुध को Read more

मिथुन लग्न में सूर्य का फलदेश

मिथुन लग्न में सूर्य का फलदेश मिथुन लग्न में सूर्य का फलदेश प्रथम स्थान में मिथुनलग्न में सूर्य तृतीय भाव के स्वामी के रूप में एक पापी ग्रह हैं, पर यहां सूर्य न्यूनतम पापी है। सूर्य लग्नेश बुध का मित्र ग्रह है। सूर्य क्षत्रिय होने पर सत्वगुणी है अतः यहां Read more

मकर लग्न में केतु का फलादेश

मकर लग्न में केतु का फलादेश मकर लग्न में केतु का फलादेश प्रथम स्थान में मकरलग्न वालों के लिए केतु शुभ ग्रह है, क्योंकि लग्नेश शनि की राशि मकर केतु की मूल त्रिकोण राशि मानी गई है। जहां केतु प्रमुदित रहता है। केतु यहां मकर मूल त्रिकोण राशि में है। Read more

मकर लग्न में राहु का फलादेश

मकर लग्न में राहु का फलादेश मकर लग्न में राहु का फलादेश प्रथम स्थान में मकरलग्न वालों के लिए राहु सम राशि में होने से यह लग्नेश शनि से सम भाव रखता है। राहु शुभ-अशुभ ग्रहों के साहचर्य और स्थिति से शुभ-अशुभ फल देगा राहु यहां प्रथम भाव में मकर Read more

मकरलग्न में शनि का फलदेश

मकरलग्न में शनि का फलदेश मकरलग्न में शनि का फलदेश प्रथम स्थान में मकरलग्न में शनि लग्नेश एवं धनेश है। शनि यहां द्वितीय स्थान का स्वामी तथा मारकेश होते हुए भी स्वयं मारक का काम नहीं करेगा। शनि यहां प्रथम स्थान में स्वगृही होगा, शनि की इस स्थिति से ‘शश Read more

मकरलग्न में शुक्र का फलादेश

मकरलग्न में शुक्र का फलादेश मकरलग्न में शुक्र का फलादेश प्रथम स्थान में मकरलग्न में शुक्र पंचमेश एवं राज्येश होने से राजयोग कारक है। शुक्र लग्नेश शनि का मित्र है अतः शुभ फल ही देगा। शुक्र यहां प्रथम स्थान में मकर (मित्र) राशि में है। शुक्र के कारण ‘कुलदीपक योग’, Read more

मकरलग्न में गुरु का फलदेश

मकरलग्न में गुरु का फलदेश मकरलग्न में गुरु का फलदेश प्रथम स्थान में मकरलग्न में बृहस्पति तृतीयेश एवं व्ययेश है। अतः बृहस्पति यहां अशुभ फलदायक एवं परम पापी है। गुरु यहां लग्न में नीच राशि का होगा। बृहस्पति की यह स्थिति ‘कुलदीपक योग’ एवं ‘केसरी योग’ बनाती है। ऐसे जातक Read more

मकरलग्न में बुध का फलादेश

मकरलग्न में बुध का फलादेश मकरलग्न में बुध का फलादेश प्रथम स्थान में मकरलग्न में बुध षष्टेश एवं भाग्येश है। बुध लग्नेश शनि का मित्र होने से यहां राजयोग कारक एवं शुभ फल देने वाला ग्रह है। बुध यहां प्रथम स्थान में मकर (सम) राशि में होकर ‘कुलदीपक योग’ की Read more

मकरलग्न में मंगल का फलदेश

मकरलग्न में मंगल का फलदेश मकरलग्न में मंगल का फलदेश प्रथम स्थान में मकरलग्न में मंगल चतुर्थेश एवं लाभेश होने से अशुभ है, फलतः यहां मंगल मारकेश का काम करेगा। यहां लग्न स्थान में मंगल उच्च का होगा। मकर राशि के 28 अंशों में मंगल परमोच्च का होता है। यहां Read more