सिंह लग्न में केतु का फलादेश

सिंह लग्न में केतु का फलादेश सिंह लग्न में केतु लग्नेश सूर्य का शत्रु ग्रह है। सिंह में केतु उद्विग्न रहता है, असंतुष्ट रहता है। सिंह लग्न में केतु का फलादेश प्रथम स्थान में यहां प्रथम स्थान में केतु सिंह Read more

सिंह लग्न में राहु का फलादेश

सिंह लग्न में राहु का फलादेश सिंह लग्न में राहु लग्नेश सूर्य का परम शत्रु ग्रह है। सिंह लग्न में राहु का फलादेश प्रथम स्थान में यहां प्रथम स्थान में राहु सिंह (शत्रु) राशि में होगा। लग्नस्थ राहु वाला व्यक्ति Read more

सिंह लग्न में शनि का फलादेश

सिंह लग्न में शनि का फलादेश सिंह लग्न में शनि षष्टमेश एवं सप्तमेश है। शनि यहां मुख्य मारकेश है। उपचय का स्वामी होने एवं लग्नेश सूर्य का नैसर्गिक शत्रु होने से शनि अशुभ फल ही देगा। सिंह लग्न में शनि Read more

सिंह लग्न में शुक्र का फलादेश

सिंह लग्न में शुक्र का फलादेश सिंह लग्न में शुक्र पराक्रमेश एवं राज्येश है। उपचय स्थान का स्वामी होने से शुक्र अशुभ फल ही देगा। सिंह लग्न में शुक्र का फलादेश प्रथम स्थान में लग्नस्थ शुक्र यहा सिंह (शत्रु) राशि Read more

सिंह लग्न में गुरु का फलादेश

सिंह लग्न में गुरु का फलादेश सिंह लग्न में गुरु पंचमेश एवं अष्टमेश होगा। गुरु यहां त्रिकोण का अधिपति होने से तथा लग्नेश सूर्य का नैसर्गिक मित्र होने से शुभ फल ही देगा। सिंह लग्न में गुरु का फलादेश प्रथम Read more

सिंह लग्न में बुध का फलादेश

सिंह लग्न में बुध का फलादेश सिंह लग्न में बुध धनेश एवं लाभेश है तथा यह मारक स्थान का स्वामी है अतः अशुभ फल देगा। बुध सूर्य का नैसर्गिक मित्र होने से इतना अशुभ फल नहीं देगा, जितनी अपेक्षा की Read more

सिंह लग्न में मंगल का फलादेश

सिंह लग्न में मंगल का फलादेश सिंह लग्न में मंगल सुखेश एवं भाग्येश होने के कारण पूर्ण योगकारक है। यहां मंगल केन्द्र एवं त्रिकोण दोनों का स्वामी है। सिंह लग्न में मंगल का फलादेश प्रथम स्थान में लग्नस्थ मंगल सिंह Read more

सिंह लग्न में चंद्रमा का फलादेश

सिंह लग्न में चंद्रमा का फलादेश सिंह लग्न में चंद्रमा व्ययेश (खर्चेश) है। यह शुभ ग्रहों के सहचर्य से शुभ फल एवं अशुभ ग्रहों के सहचर्य से अशुभ फल देगा। सिंह लग्न में चंद्रमा का फलादेश प्रथम स्थान में यहां Read more

सिंह लग्न में सूर्य का फलादेश

सिंह लग्न में सूर्य का फलादेश सिंहलग्न में सूर्य लग्नेश होने के कारण जीवन शक्ति एवं प्राण ऊर्जा प्रदायक ग्रह है। जो कभी अशुभ फल नहीं देता। अपितु सूर्य की युति से अन्य गह शुभ फलदायक हो जायेंगे। सिंह लग्न Read more

कर्क लग्न में केतु का फलादेश

कर्क लग्न में केतु का फलादेश राहु राक्षस का सिर है तथा केतु सम्पूर्ण धड़। राहु सर्प का मुख है, केतु सर्प की पूंछ। राहु जहां उग्र अनिष्ट करता है वहां केतु उस अनिष्ट को आधा कर देता है। मेरे Read more