वृश्चिक लग्न में बुध का फलादेश
वृश्चिक लग्न में बुध का फलादेश वृश्चिक लग्न में बुध अष्टमेश व लाभेश है। फलतः परमपापी है। बुध लग्नेश मंगल से शत्रुभाव रखता है। अतः बुध यहां अशुभफल ही देगा। वृश्चिक लग्न में बुध का फलादेश प्रथम स्थान में यहां Read more
वृश्चिक लग्न में बुध का फलादेश वृश्चिक लग्न में बुध अष्टमेश व लाभेश है। फलतः परमपापी है। बुध लग्नेश मंगल से शत्रुभाव रखता है। अतः बुध यहां अशुभफल ही देगा। वृश्चिक लग्न में बुध का फलादेश प्रथम स्थान में यहां Read more
वृश्चिक लग्न में मंगल का फलादेश मंगल यहां लग्नेश एवं षष्टेश है। मंगल यहां लग्नेश होते हुए भी पापी है पर उसे षष्टेश का दोष नहीं लगेगा। मंगल यदि कुण्डली में बलवान हो तो शुभ फल देगा अन्यथा अशुभ फल Read more
वृश्चिक लग्न में चंद्रमा का फलादेश वृश्चिक लग्न में चंद्रमा भाग्येश है। यह लग्नेश मंगल का मित्र होने से परम योगकारक ग्रह होकर शुभ फलों में वृद्धि करेगा। वृश्चिक लग्न में चंद्रमा का फलादेश प्रथम स्थान में यहां प्रथम स्थान Read more
वृश्चिक लग्न में सूर्य का फलादेश वृश्चिक लग्न में सूर्य दशमेश होने से राजयोग कारक है। सूर्य लग्नेश मंगल का मित्र भी है। अतः यहां शुभ फल ही देगा। वृश्चिक लग्न में सूर्य का फलादेश प्रथम स्थान में यहां प्रथम Read more
कन्या लग्न में केतु का फलादेश कन्या लग्न में केतु लग्नेश बुध से शत्रु भाव रखता है। कन्या केतु की नीच राशि भी कही गयी है। अतः कन्या लग्न में केतु ज्यादा नुकसानदायक साबित होगा। कन्या लग्न में केतु का Read more
कन्या लग्न में राहु का फलादेश कन्या लग्न में राहु लग्नेश बुध का मित्र है। कन्या राशि राहु की स्वराशि भी कही गई है। इसलिए यह राहु का स्वयं का लग्न होने से राहु कन्यालग्न से ज्यादा नुकसान नहीं करेगा। Read more
कन्या लग्न में शनि का फलादेश कन्या लग्न में शनि पंचमेश व षष्टेश है। त्रिकोण का अधिपति होते हुए भी यहां शनि कां षष्टेश के दोष से मुक्ति नहीं मिली है। अतः शनि पापी एवं निष्फल योगकर्ता है। कन्या लग्न Read more
कन्या लग्न में शुक्र का फलादेश कन्यालग्न में शुक्र द्वितीयेश एवं भाग्येश है। शुक्र यहां त्रिकोण का स्वामी होने से मारकेश के दोष से मुक्त हो गया है। अतः योगकारक होकर शुभ फलप्रदाता है। कन्या लग्न में शुक्र का फलादेश Read more
कन्या लग्न में गुरु का फलादेश कन्यालग्न में गुरु चतुर्थेश व सप्तमेश होने के कारण अशुभ फल देने वाले मारक एवं पापी ग्रह के रूप में काम करेगा। गुरु को कन्या लग्न में ‘केन्द्राधिपत्य दोष’ भी लगेगा। कन्या लग्न में Read more
कन्या लग्न में बुध का फलादेश कन्या लग्न में बुध का फलादेश प्रथम स्थान में कन्यालग्न में बुध लग्नेश व राज्येश है। दो केन्द्रों का अधिपति होने पर भी इसे ‘केन्द्राधिपत्य दोष’ नहीं लगता। यहां बुध अति शुभ फलदायक एवं Read more