वृष लग्न में बुध का फलादेश

वृष लग्न में बुध का फलादेश वृष लग्न में बुध धनेश व पंचमेश होने से राजयोग कारक है। वृष लग्न में बुध का फलादेश प्रथम स्थान में प्रथम स्थान में वृष राशिगत बुध अपने मित्र शुक्र की राशि में है। बुध यहां दिग्बली है एवं ‘कुलदीपक योग’ की सृष्टि भी Read more

वृष लग्न में मंगल का फलादेश

वृष लग्न में मंगल का फलादेश वृष लग्न में मंगल सप्तमेश व खर्चेश है। मंगल यहां द्वितीय मारकेश होने में अशुभ फलदाता है। वृष लग्न में मंगल का फलादेश प्रथम स्थान में वृष राशि में लग्नस्थ मंगल व्यक्ति को विलासी बनाता है। ऐसा जातक भोग और ऐश्वर्य की प्राप्ति हेतु Read more

वृष लग्न में चंद्रमा का फलादेश

वृष लग्न में चंद्रमा का फलादेश वृष लग्न में चंद्रमा तृतीयेश होने से अशुभ फलकारी है। वृष लग्न में चंद्रमा का फलादेश प्रथम स्थान में तृतीयेश चंद्रमा वृष राशि में होकर लग्न में बैठने से उच्च का हो गया है। चंद्रमा केन्द्रस्थ होने से ‘यामिनीनाथ योग’ बना। ऐसा जातक सुन्दर Read more

वृष लग्न में सूर्य का फलादेश

वृष लग्न में सूर्य का फलादेश वृष लग्न में सूर्य सुखेश होकर राजयोग कारक है। वृष लग्न में सूर्य का फलादेश प्रथम स्थान में वृष राशि में सूर्य लग्नेश शुक्र के घर में शत्रु क्षेत्री होगा। सूर्य की दृष्टि यहां सप्तम भाव में वृश्चिक राशि पर होगी। यहां सूर्य अपनी Read more

मेष लग्न में केतु का फलादेश

मेष लग्न में केतु का फलादेश सूर्य मंगल और गुरु केतु के मित्र हैं। केतु की उच्चराशि धनु, नीच राशि मिथुन है। कई विद्वान केतु की उच्चराशि वृश्चिक मानते हैं क्योंकि यह ‘कुजवत्’ काम करता है। केतु ‘ध्वजा’ को कहते हैं फलतः केतु कीर्ति का प्रतीक है। यश देने वाला Read more

मेष लग्न में राहु का फलादेश

मेष लग्न में राहु का फलादेश राहु-केतु छायाग्रह इनका कोई शारीरिक अस्तित्व नहीं है। स्वतन्त्र सत्ता नहीं है। अतः अनेक प्राचीन विद्वानों ने इन्हें ग्रह माना ही नहीं इसका कारण उनकी स्थूल सोच थी। जिस पर मनुष्य के शरीर की छाया का कोई वजन, तौल, भार अथवा शरीर में हटकर Read more

मेष लग्न में शनि का फलादेश

मेष लग्न में शनि का फलादेश मेष लग्न में शनि दशमेश व एकादशेश होने से एवं लग्नेश मंगल का शत्रु होने से अशुभ फलदायक है। मेष लग्न में शनि का फलादेश प्रथम स्थान में शनि प्रथम स्थान में मेष राशि का होने से नीच का होगा। जातक जिद्दी, हठी एवं Read more

मेष लग्न में शुक्र का फलादेश

मेष लग्न में शुक्र का फलादेश मेष लग्न में शुक्र द्वितीयेश व सप्तमेश दो मारक स्थानों का स्वामी होने से परमपापी व अशुभफल देने वाला है। मेष लग्न में शुक्र का फलादेश प्रथम स्थान में ज्योतिषशास्त्र में लग्नस्थ शुक्र को शुभ माना है कहा है – ऐसा जातक दूसरों को Read more

मेष लग्न में गुरु का फलादेश

मेष लग्न में गुरु का फलादेश मेष लग्न में शुक्र नवम स्थान का स्वामी (त्रिकोणाधिपति) होने के कारण शुभफलदाई है। इसे व्ययेश होने का दोष नहीं लगता। मेष लग्न में गुरु का फलादेश प्रथम स्थान में ऐसा जातक बुद्धिमान, उच्च शिक्षा प्राप्त, जज, बैरीस्टर, वकील, सम्पादक एकाउण्टेंट होता है। जातक Read more

मेष लग्न में बुध का फलादेश

मेष लग्न में बुध का फलादेश मेष लग्न में बुध तृतीयेश व षष्टेश होने से पापी है। लग्नेश मंगल बुध का मित्र नहीं है। मेष लग्न में बुध का फलादेश प्रथम स्थान में प्रथम स्थान में बुध मेष राशि का होगा। जातक विद्यवान्, विद्वान, उच्च शिक्षित होगा। जातक ज्योतिषी, मंत्र Read more