कुंडली में बृहस्पति का प्रभाव

कुंडली में बृहस्पति का प्रभाव सौरमंडल के केंद्र सूर्य के बाद विशाल आकार में बृहस्पति का स्थान आता है। यह सूर्य को छोड़कर शेष सभी ग्रहों से विशालकाय तथा भारी ग्रह है। पृथ्वी की अपेक्षा यह 318 गुना बड़ा है। विशाल आकार के कारण यह ग्रह भी तेज नहीं चल Read more

कुंडली में बुध का प्रभाव

कुंडली में बुध का प्रभाव बुध हमारे सौरमंडल का सबसे छोटा और सबसे चंचल ग्रह समझा जाता है इसलिए अंग्रेजी में इसे मरकरी (MERCURY) अर्थात् ‘पारा’ कहा गया है। यह सूर्य का निकटतम पड़ौसी है और मात्र 88 दिन में उसकी एक परिक्रमा पूरी कर लेता है। इसकी कोणीय दूरी Read more

कुंडली में मंगल का प्रभाव

कुंडली में मंगल का प्रभाव अंगारक, कुज, वक्र और भौम आदि अनेक नामों से पुकार जाने वाला ग्रह मंगल सौरमंडल का सेनापति माना जाता है। यह ग्रह सूर्य की एक परिक्रमा करने में 687 दिन लगाता है और इसकी गति में परिवर्तन होता रहता है। अंतरिक्ष की अपनी कक्षा में Read more

कुंडली में चंद्र का प्रभाव

कुंडली में चंद्र का प्रभाव भारतीय सनातन ज्योतिष मूल रूप में चंद्र आधारित है। सौरमंडल के सभी ग्रहों की अपेक्षा चंद्र का आकार बहुत छोटा है। यह ग्रह (उपग्रह) सौरमंडल में पृथ्वी के सबसे निकट स्थित है। चंद्रमा सूर्य की परिक्रमा के साथ-साथ पृथ्वी की भी परिक्रमा करता है। पृथ्वी Read more

कुंडली में सूर्य का प्रभाव

कुंडली में सूर्य का प्रभाव सूर्य अपने सक्रांति पथ पर संचरण करते हुए एक राशि के 30 अंशों का भ्रमण लगभग एक माह में पूरा करता है। सूर्य अंग्रेजी महीने अप्रैल की 13 तारीख से अपना सफर मेष राशि से (निरंयन पद्धति के अनुसार) शुरू करता है। अपने संक्राति पथ Read more