धनु लग्न में सूर्य का फलादेश

धनु लग्न में सूर्य का फलादेश धनु लग्न में सूर्य भाग्येश है। लग्नेश गुरु का मित्र होने से यह पूर्ण राजयोग कारक एवं शुभ फलदायक है। धनु लग्न में सूर्य का फलादेश प्रथम स्थान में सूर्य यहां प्रथम स्थान में Read more

तुला लग्न में केतु का फलादेश

तुला लग्न में केतु का फलादेश पृथ्वी के दक्षिण भाग की छाया राहु तथा उत्तरी छाया को केतु कहा गया है। इसलिए ये दोनों आमने-सामने रहते हैं। तुला लग्न में लग्नेश शुक्र केतु का मित्र ग्रह है। तुला लग्न में Read more

तुला लग्न में राहु का फलादेश

तुला लग्न में राहु का फलादेश लग्नेश शुक्र राहु का मित्र ग्रह है। तुला लग्न में राहु का फलादेश प्रथम स्थान ऐसा जातक विषयासक्त, असंयमी, व्यसनी, दुराचारी लम्पट और स्वेच्छाचारी होता है। इनका पारिवारिक जीवन, गृहस्थ जीवन असंतोष जनक होता Read more

तुला लग्न में शनि का फलादेश

तुला लग्न में शनि का फलादेश तुला लग्न में शनि चतुर्थेश व पंचमेश होने से राजयोग कारक होकर शुभ फलदाई है। यह लग्नेश शुक्र का मित्र भी है। तुला लग्न में शनि का फलादेश प्रथम स्थान में यहां लग्नस्थ शनि Read more

तुला लग्न में शुक्र का फलादेश

तुला लग्न में शुक्र का फलादेश तुला लग्न में शुक्र लग्नेश होने के साथ-साथ अष्टमेश भी है। फलतः दुःस्थान का स्वामी होने से है अशुभ फलदाता है परन्तु लग्नेश को अष्टमेश का दोष नहीं लगेगा फलतः शुक्र यहां अशुभ फल Read more

तुला लग्न में गुरु का फलादेश

तुला लग्न में गुरु का फलादेश तुला लग्न में गुरु तृतीयेश एवं षष्ठेश होने से पाप फलदायक है। बृहस्पति तुलालग्न वालों के लिए द्वितीय मारकेश का काम करेगा एवं परम पापी है। तुला लग्न में गुरु का फलादेश यहां लग्नस्थ Read more

तुला लग्न में बुध का फलादेश

तुला लग्न में बुध का फलादेश तुला लग्न में बुध खर्चेश एवं भाग्येश होने से राजयोग कारक है एवं शुभ फलों को देने वाला ग्रह है। तुला लग्न में बुध का फलादेश प्रथम स्थान में यहां लग्नस्थ बुध तुला राशि Read more

तुला लग्न में मंगल का फलादेश

तुला लग्न में मंगल का फलादेश तुला लग्न में मंगल द्वितीयेश एवं सप्तमेश होने से मुख्य मारक ग्रह है। यह निष्फल योग कर्ता एवं अशुभ फल को देने वाला है। तुला लग्न में मंगल का फलादेश प्रथम स्थान में यहां Read more

तुला लग्न में चंद्रमा का फलादेश

तुला लग्न में चंद्रमा का फलादेश तुला लग्न में चंद्रमा दशम स्थान का स्वामी, राज्येश होने से शुभ फल प्रदाता व राजयोग कारक है। यह लग्नेश शुक्र का मित्र है। तुला लग्न में चंद्रमा का फलादेश प्रथम स्थान में यहां Read more

तुला लग्न में सूर्य का फलादेश

तुला लग्न में सूर्य का फलादेश तुला लग्न में सूर्य लाभेश है। यह लग्नेश शुक्र का शत्रु होने से यहां पाप फलप्रद है। तुला लग्न में सूर्य का फलादेश प्रथम भाव में तुला राशि सूर्य की नीच राशि है। यहां Read more