प्रश्न कुंडली से रोगी और रोग का ज्ञान

प्रश्न कुंडली से रोगी और रोग का ज्ञान अधिकांशतः दो प्रश्न पूछे जाते हैं :- कोई भी प्रश्नकर्ता मेरे पास ज्योतिष के माध्यम से बीमारी के निदान के लिए नहीं आया। अतः हम उपरोक्त दो प्रश्नों पर विस्तार से चर्चा Read more

प्रश्न कुंडली से कार्य सिद्धि का विचार

प्रश्न कुंडली से कार्य सिद्धि का विचार प्रश्नकुंडली का विश्लेषण करते समय कार्य में सफलता मिलेगी अगर 1. लग्नेश और कार्येश दोनों शुभ ग्रह हों और शुभ भाव में इत्थसाल योग बनाते हों । 2. लग्नेश की लग्न पर और Read more

लग्न और भावों के बल

लग्न और भावों के बल सर्वविदित है कि प्रश्न ज्योतिष में लग्न और लग्नेश महत्वपूर्ण हैं। इनका बली यॉ निर्बल होना प्रश्न की सफलता-असफलता का द्योतक है। कभी-कभी लग्न, लग्न में स्थित ग्रह, लग्न की राशि लग्न पर दृष्टि या Read more

प्रश्न की प्रकृति

प्रश्न कुंडली के विश्लेषण से पूर्व यह जांचना आवश्यक है कि क्या यह प्रश्न की पुष्टि करती है या नहीं। क्योंकि प्रश्न जातक से स्वयं संबंधित होता है, अतः लग्न और लग्नेश कारक होते हैं। लग्न, चंद्र और नवमांश लग्न Read more

भावों के कारकत्व

भावों के बल 1. जिस भाव का स्वामी उसमें स्थित हो या उस भाव पर भावेश की दृष्टि हो तो उस भाव की शुभता उत्तम होती है। 2. जिस भाव में बृहस्पति, बुध या शुक्र या बली चंद्र स्थित होते Read more

ताजिक दृष्टियां और योग

ताजिक दृष्टियां और योग पराशर के मतानुसार दृष्टियां प्रत्येक ग्रह जिस भाव में स्थित है, उससे 7वें भाव पर दृष्टि डालता है। इसके अतिरिक्त, हमने आंशिक दृष्टियों पर ध्यान नहीं दिया है, केवल पूर्ण दृष्टियों का प्रयोग किया है। दृष्टा Read more

ग्रह की विशेषताएं

ग्रह की विशेषताएं सूर्य – सूर्य पिता, साहस, कार्य शक्ति, ऊर्जा, व्यक्तित्व, अधिकार, सात्विक प्रकृति का कारक है। सूर्य से प्रभावित जातक का चेहरा विशाल और गोल, आंखों का रंग शहद जैसा होता है जातक महत्वाकांक्षी, साहसी, उदार होता है। Read more

राशियों का वर्गीकरण

राशियों का वर्गीकरण राशियां जातक की मनोवृत्ति की सूचक हैं। वे चर, स्थिर और द्विस्वभाव होती हैं। चर राशियां – मेष, कर्क, तुला और मकर स्थिर – वृष, सिंह, वृश्चिक, कुंभ द्विस्वभाव – मिथुन, कन्या, धनु, मीन 1. चर राशि Read more

प्रश्न ज्योतिष क्या है ?

प्रश्न ज्योतिष क्या है ? प्रश्न ज्योतिष एक ज्योतिषीय विधि है जो तत्काल या महत्वपूर्ण प्रश्नों का उत्तर देने के लिए प्रयोग की जाती है. यह जन्म कुंडली के बिना, या जब तत्काल प्रश्न का उत्तर जानना हो, तो उपयोगी Read more

कुंडली में विदेश यात्रा के योग

ज्योतिष शास्त्र में जन्म कुण्डली के तृतीय, नवम तथा द्वादशवें भाव द्वारा यात्रा के बारे में विचार किया जाता है। तृतीय भाव से छोटी यात्राओं, नवम भाव से लम्बी तथा धार्मिक यात्राओं तथा द्वादशवें भाव से विशेष रूप से विदेश Read more