दशाफल देखने के लिये सुदर्शन का प्रयोग

दशाफल देखने के लिये सुदर्शन का प्रयोग इस अध्याय में हम विंशोत्तरी दशा का प्रयोग कुण्डली में करने के लिए निर्दिष्ट नियमों में सबसे आवश्यक और मौलिक नियम का उल्लेख करने जा रहे हैं और वह नियम है सुदर्शन का Read more

लग्नों के शुभ अशुभ ग्रह

लग्नों के शुभ अशुभ ग्रह ग्रहों की दो श्रेणियाँ विख्यात हैं। पहली श्रेणी में नैसर्गिक शुभ ग्रह – गुरु, शुक्र, बुध और चन्द्र हैं और दूसरी श्रेणी में नैसर्गिक पाप ग्रह सूर्य, मंगल, शनि, राहु तथा केतु । परन्तु ग्रहों Read more

दशाफल देखने के लिये कुछ अनुभूत सूत्र

दशाफल देखने के लिये कुछ अनुभूत सूत्र यहॉ हम ग्रहों की दशा-अन्तर्दशा के सम्बन्ध में उन विशेष बातों का उल्लेख करेंगे जो अध्ययन तथा अनुभव में आयी हैं :- सूर्य (1) यह तो आप जानते हैं कि ग्रहों में सूर्य Read more

ज्योतिष के मौलिक नियम

ज्योतिष के मौलिक नियम हम समझते हैं कि पाठक ज्योतिष के मौलिक नियम से अनभिज्ञ न होंगे तो भी इस विचार से कि दशाफल कथन को समझने में अधिक से अधिक सुविधा हो हम ज्योतिष के आवश्यक नियम बहुत संक्षेप Read more

कुंडली में क्षय रोग देखने के सूत्र

कुंडली में क्षय रोग देखने के सूत्र वैसे तो क्षय रोग के रोगाणु शरीर के किसी भी अंग पर अपना प्रभाव डाल सकते हैं, लेकिन फेफड़ों के क्षय रोग के मामले अधिक संख्या में प्रकाश में आते हैं । प्रायः Read more

रोगों के अनुसार रत्नों का चुनाव

रोगों के अनुसार रत्नों का चुनाव हिन्दू धर्म दर्शन में पंच तत्वों की विशेष मान्यता रही हैं। यह पंच तत्व ही सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड में व्याप्त रहते है। यही पाँच तत्व प्राणी (मनुष्य) शरीर में भी अपना अस्तित्व बनाये हुए है। Read more

कैंसर में प्रभावशाली उपाय

कैंसर में प्रभावशाली उपाय ज्योतिष शास्त्र में अन्य रोगों के साथ कैंसर जैसी लाइलाज व्याधि का भी विश्लेषण किया जाता है। कैंसर व्याधि का उल्लेखा आयुर्वेद से संबन्धित ग्रंथों में ‘कर्कट रोग’ के रूप में किया गया है। आयुर्वेद मनीषियों Read more

रोग शांति के लिये विशिष्ट उपाय

रोग शांति के लिये विशिष्ट उपाय रोग उपचार के निमित्त दुनिया भर में ही विभिन्न तरीके इस्तेमाल किया जाते रहे है। इनके एक तरीका अपनी निष्ठा अनुसार अपने इष्टदेव से प्रार्थना, पूजा-अनुष्ठान करने का भी रहा है। और अब आधुनिक Read more

पितृदोष और रोग विचार

पितृदोष और रोग विचार पितृदोष भी एक ऐसा दोष है कि जिसके जन्म कुंडली में विद्यमान रहने पर जातक और उसक परिवार एंव सगे-संबन्धी सभी नाना प्रकार के दुःख, दर्द, कष्ट और रोगादि भोगने पर मजबूर होना पडता है। पितृदोष Read more

कुंडली में गुर्दा रोग देखने के सूत्र

कुंडली में गुर्दा रोग देखने के सूत्र वर्तमान में गुर्दा रोग से पीडित रोगियों की संख्या निरंतर बढ रही है। गुर्दा संबंधी रोग के पीछे कई तरह के कारण देखे जाते है। इनमें डायबिटीज, उच्च रक्तचाप, मादक द्रव्यों का सेवन, Read more