भावार्थ रत्नाकर | मेष लग्न | वृश्चिक लग्न
मेष लग्न 1. मेषलग्ने तु जातस्य राजयोगीऽपि लभ्यते । चतुर्थ पञ्चमाधीश संबन्धेन न संशयः ॥ १ ॥ भावार्थ – मेष लग्न में जन्म लेने वालों की जन्म कुण्डली में यदि चतुर्थ और पंचम भाव के स्वामियों का परस्पर (दृष्टि योग आदि) संबंध हो, तो जातक को निश्चय ही राजयोग की Read more









