अन्तर्दशा की घटनाओं का निर्णय – 1
अन्तर्दशा की घटनाओं का निर्णय भुक्तिनाथ की स्थिति के द्वारा गत अध्याय में हमने इस बात का अध्ययन किया कि कुण्डली के शुभ अथवा योगकारक ग्रहों का निश्चय एक ही श्रेणी की अधिक संख्या में विद्यमान लग्नों से किया जाना चाहिए। ऐसी लग्नों से निर्धारित किया हुआ शुभ अथवा योगकारक Read more
