मंगलीक दोष कारण और निवारण

मंगलीक दोष कारण और निवारण आज के युग में जबकि विज्ञान की समृद्धि हुई तब पराविज्ञान की पराकाष्ठा का ह्रास हो गया है। जन्माक्षर तो क्वचित् ही लोगों के होते हैं और फिर दहेज प्रथा के दारुण भय से संत्रस्त मध्यमवर्गीय एवं धनी परिवार भी येन-केन-प्रकारेण कन्या परिणय पर उतारू Read more

सर्पशाप और कालसर्प योग

कालसर्प योग किसे कहते हैं? सामान्यतः जन्मकुण्डली के सारे ग्रह जब राहु और केतु के बीच में कैद हो जाते हैं, तो उस ग्रह स्थिति को ‘कालसर्प योग’ कहते हैं। राहु सर्प का मुख माना गया है और केतु इस सर्प की पूंछ। काल का अर्थ ‘मृत्यु’ है। यदि अन्य Read more

काल सर्प योग शांति

कालसर्प योग एक ऐसा योग है, जिसके कारण फलित ज्योतिष की सत्यता अकाट्य रूप में प्रमाणित हुई है। यह योग जातक के जीवन के अन्य महत्त्वपूर्ण एवं गोपनीय रहस्यों को भी उद्घाटित करता है। हमारे नवीन शोध व अनुसंधान से निम्न तथ्य उद्घटित होकर सामने आए हैं। पितृदोष वाली कुण्डली Read more

क्यों विरोध करते हैं ज्योतिषी कालसर्प योग का?

क्यों विरोध करते हैं ज्योतिषी कालसर्प योग का? कालसर्प योग ज्योतिष जगत का सर्वाधिक महत्त्वपूर्ण, रोचक, चर्चित एवं विवादास्पद योग बन चुका है। कई विद्वानों के कालसर्प योग के समर्थन में बड़े-बड़े लेख लिखे हैं तथा इस योग की शान्ति हेतु कई पुस्तकें भी प्रकाशित हुई हैं। तो कई विद्वानों Read more

कालसर्प योग का परिचय और प्रभाव

कालसर्प योग का परिचय यदि सभी ग्रह राहु और केतु के मध्य में आ जाएं तो ‘कालसर्प योग’ की सृष्टि होती है। मोटे तौर पर कालसर्प योग दो प्रकार के होते हैं। एक उदित गोलार्द्ध और दूसरा अनुदित गोलार्द्ध। उदित गोलार्द्ध को ग्रस्त योग कहते हैं तथा अनुदित को मुक्त Read more

कुंडली का बाधक ग्रह

कुंडली का बाधक ग्रह फलादेश करते समय कुण्डली के बाधक ग्रहों पर भी ध्यान देना जरूरी है। ज्योतिष में बाधक ग्रहों की बड़ी भारी भूमिका होती है। प्रायः जन्मकुण्डली में उच्च के ग्रह दिखाई देते हैं। लेकिन राजयोग कारक ग्रह की दशा में राजयोग फलीभूत नहीं हो रहा है। धनेश Read more

लग्न के अनुसार रत्न धारण का विवेचन

मेष लग्न में रत्न धारण का वैज्ञानिक विवेचन 1. माणिक्य – मेष लग्न में सूर्य पंचम त्रिकोण का स्वामी है और लग्नेश मंगल का मित्र है। अतः मेष लग्न के जातक को बुद्धि-बल प्राप्त करने, आत्मोन्नति के लिए, संतान सुख, प्रसिद्धि राज्य कृपा प्राप्ति के लिए सदा माणिक्य धारण करना Read more

मीन लग्न के योग

मीन लग्न के धन योग मीनलग्न में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के लिये धनप्रदाता ग्रह मंगल है। धनेश मंगल की शुभाशुभ स्थित, धनस्थान से संबंध स्थापित करने वाले ग्रहों की स्थिति, योगायोग, गुरु तथा धनभाव पर पड़ने वाले ग्रहों की दृष्टि से जातक की आर्थिक स्थिति, आय के स्रोतों तथा Read more

कुंभ लग्न के योग

कुंभ लग्न के धन योग कुंभ लग्न में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के लिए धनप्रदाता ग्रह बृहस्पति है। धनेश बृहस्पति को शुभाशुभ स्थिति, धन स्थान से सम्बन्ध स्थापित करने वाले ग्रहों की स्थिति, योगायोग, बृहस्पति तथा धन भाव पर पड़ने वाले ग्रहों की दृष्टि से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति आय Read more

मकर लग्न के योग

मकर लग्न में धन योग मकर लग्न में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के लिए धनप्रदाता ग्रह शनि है। धनेश शनि की शुभाशुभ स्थिति, धन स्थान से सम्बन्ध स्थापित करने वाले ग्रहों की स्थिति, योगायोग, शनि तथा धन भाव पर पड़ने वाले ग्रहों की दृष्टि से व्यक्ति की आर्थिक स्थिति, आय Read more