भावार्थ रत्नाकर | साधारण योग | ग्रहमालिका योग
भावार्थ रत्नाकर अध्याय 13 | साधारण योग 1. ततद्भावेश्वराः खेटा: तत्तत्कारक संयताः । तस्य भावस्य सर्वस्य प्राबल्यं प्रोच्यते बुधः ॥ १ ॥ भावार्थ – यदि किसी भाव का स्वामी उसी भाव के कारक के साथ स्थित हो तो इस योग द्वारा उस भाव की वृद्धि कहनी चाहिये जिस भाव के Read more









