भाग्य रेखा के प्रकार और फलदेश

भाग्य रेखा यद्यपि मानव के जीवन में सब कुछ होता है, पर यदि उसका भाग्य साथ नहीं देता है, तो एक प्रकार से उसका पूरा जीवन व्यर्थ कहा जाता है। चाहे व्यक्ति के पास भव्य व्यक्तित्त्व हो, चाहे हृदय से वह कितना ही उदार हो, चाहे स्वास्थ्य की दृष्टि से Read more

सूर्य रेखा के प्रकार

सूर्य रेखा अंग्रेजी में इस रेखा को ‘सन लाइन’ एवं हिन्दी में ‘यश रेखा’ भी कहते हैं। प्रत्येक व्यक्ति की यह सामान्य इच्छा होती है कि वह जीवन में कुछ ऐसा कार्य करे, जिससे समाज में उसके कार्यों की सराहना हो। लोग उसके विचारों को आदर दें और उसकी मृत्यु Read more

हृदय रेखा का फलादेश

हृदय रेखा हथेली में जीवन रेखा और मस्तिष्क रेखा का जितना महत्त्व है, लगभग उतना ही महत्त्व हृदय रेखा का भी है। इसलिए विद्वानों को चाहिए कि वह हृदय रेखा के बारे में सावधानी के साथ अध्ययन करें। जिस व्यक्ति के हाथ में हृदय रेखा शुद्ध, स्पष्ट, निर्दोष और लालिमा Read more

मस्तिष्क रेखा का फलादेश

मस्तिष्क रेखा जीवन और मस्तिष्क का आपस में गहरा सम्बन्ध है, क्योंकि बिना बद्धि के या मस्तिष्क के जीवन व्यर्थ सा हो जाता है। जीवन में यश, मान, प्रतिष्ठा आदि बुद्धि के द्वारा ही प्राप्त होती है। अतः जीवन रेखा का जितना महत्व हथेली में है, लगभग उतना ही महत्व Read more

जीवन रेखा का फलादेश

जीवन रेखा जीवन रेखा ही हथेली में एक ऐसी रेखा है, जो प्रत्येक व्यक्ति के हाथ में पाई जाती है। यदि किसी के हाथ में यह रेखा न देखने को मिले तो यह समझना चाहिए कि ऐसे व्यक्ति का व्यक्तित्त्व शून्यवत है और उस व्यक्ति की जीवन शक्ति का सर्वथा Read more

हाथ रेखाओं से जानें, जीवन का रहस्य

हथेली पर अंकित कोई भी रेखा व्यर्थ नहीं होती, इसलिये हस्तरेखा विशेषज्ञ को चाहिए कि वह हथेली पर पाई जाने वाली प्रत्येक रेखा का सूक्ष्म अध्ययन करे। हथेली पर जो रेखाएं स्पष्ट, गहरी एवं लंबी होती हैं, वे सफलता की सूचक होती हैं। इसके विपरीत टूटी हुई विरल और अस्पष्ट Read more

हथेली पर स्थित पर्वतों के नाम, उनकी स्थिति एवं फलादेश

हथेली के पर्वत हथेली का अध्ययन करते समय उस पर पाये जाने वाले पर्वतों का विशेष महत्त्व है। क्योंकि पर्वतों के माध्यम से ही विभिन्न रेखाएं बनती हैं और उनका विकास हो पाता है। पर्वतों का नामकरण ग्रहों के नामकरण से हुआ है और जिस ग्रह में जो गुण विशेष Read more

उंगलियां तथा उंगलियों के भाग

उंगलियां तथा उंगलियों के भाग साधारणतः प्रत्येक हाथ में चार उंगलियां पाई जाती है। 1. तर्जनी 2. मध्यमा 3. अनामिका 4. कनिष्ठिका इन चारों उंगलियों में मे प्रत्येक उंगली तीन-तीन खण्डों में बंटी हुई होती है। नैसर्गिक रूप में देखा जाये तो मध्यमा उंगली सबसे बड़ी, तर्जनी, मध्यमा के आखिरी Read more

आपका अंगूठा भी बताता है आपका भविष्य

अंगूठा तथा अंगूठे के भाग अंगूठा एक प्रकार से पूरे हाथ का प्रतिनिधित्त्व करता है। हाथ की रेखाओं का जितना महत्व होता है, उससे भी ज्यादा महत्व अंगूठे का माना गया है। जिस प्रकार मनुष्य का चेहरा उसके जीवन का प्रतिविम्ब होता है, ठीक उसी प्रकार उसके हाथ का अंगूठा Read more

हाथ, हथेली तथा उंगलियां

हाथ, हथेली तथा उंगलियां हाथ के अध्ययन में उंगलियां और हाथ की आकृति विशेष महत्त्व रखती है। बड़ा हाथ अपने आप में विशिष्ट हाथ कहलाता है। ऐसे व्यक्ति सूक्ष्मदर्शी और व्यवहार कुशल होते हैं। इसके विपरीत छोटे हाथ वाले व्यक्ति क्रोधी, सनकी और अस्थिर स्वभाव वाले होते हैं। ऐसे व्यक्ति Read more