उंगलियां एवं उंगलियों के जोड़

उंगलियां एवं उंगलियों के जोड़ उंगलियां चाहे लम्बी हों चाहे छोटी, हथेली की लम्बाई से उनका कोई सम्बन्ध नहीं होता। लम्बी उंगलियां इस बात की द्योतक होती हैं कि व्यक्ति हर बात के सूक्ष्म विवरण के प्रति जागरूक है। चाहे बात कमरे की सजावट की हो या नौकरों के प्रति Read more

हथेली पर पर्वतों की स्थितियां और उनकी विशेषताएं

हथेली पर पर्वतों की स्थितियां और उनकी विशेषताएं मैं हाथ के पर्वतों अथवा ग्रह क्षेत्रों को अत्यन्त महत्त्वपूर्ण मानता हूं, क्योंकि मैं यह समझता हूं कि व्यक्ति द्वारा किये गये शारीरिक श्रम का उसके हाथ की चमड़ी को खुरदरा, सख्त अथवा मोटा बनाने में बड़ा हाथ होता है। यद्यपि उससे Read more

हस्तरेखाओं के प्रकार और उनकी विशेषताएं

इससे पहले कि मैं हस्तरेखा के सम्बन्ध में कुछ गम्भीर विवरण प्रस्तुत करूं, मैं चाहता हूं कि मैं इस विषय के पाठकों और छात्रों से कुछ शब्द कहूं, ताकि वे इस विषय के अध्ययन में पर्याप्त दिलचस्पी ले सकें तथा इस अध्ययन से लाभ उठा सकें। सबसे पहले तो मैं Read more

अंगूठा भी बताता है आपका भविष्य जानिये क्या कहता है ये

अंगूठे की बनावट और प्रकार व्यक्ति के हाथ का अंगूठा इतना महत्त्वपूर्ण है कि उस पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। हस्तरेखा विज्ञान के अनेक सत्य केवल अंगूठे के माध्यम से ही जाने जा सकते हैं। हस्ताकृति-विज्ञान एवं हस्तरेखा शास्त्र का विवेचन करने में अंगूठा और व्यक्ति के साथ जुड़ी Read more

हाथों की बनावट और प्रकार

हाथों की बनावट और प्रकार हस्तरेखा विज्ञान वास्तव में पूरे हाथ का अध्ययन है। इसे दो भागों में विभक्त किया गया है। पहला है हस्ताकृति-विज्ञान और दूसरा है हस्तरेखा शास्त्र। पहले का सम्बन्ध हाथों व उंगलियों की बनावट से है, जिससे व्यक्ति के चरित्र और उस पर हो चुके पैतृक Read more

गोचर से फलित कैसे करें ?

गोचर से फलित कैसे करें ? आचार्यों ने कुंडली से फलित देखने के सूत्रों की रचना के उपरांत घटनाओं के घटित होने का काल तय करने के लिए एक पृथक् पद्धति की आवश्यकता अनुभव की। इसे आप इस प्रकार समझें कि एक जन्मांग में विवाह का योग देखना है। सामान्य Read more

राजयोग कैसे बनते हैं ?

राजयोग कैसे बनते हैं ? मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं के अध्ययन क्रम में राजयोग यद्यपि अनिवार्य नहीं है, लेकिन इसमें एक आकर्षण अवश्य है । सामान्यतया सभी पुस्तकों में राजयोग का उल्लेख रहता है। यह इसलिए भी आवश्यक है, क्योंकि स्वतंत्रता के बाद भारत में भी अब आम आदमी Read more

भाग्योदय कब होगा ?

भाग्योदय कब होगा ? प्रत्येक मनुष्य की इच्छा होती है कि वह सभी भौतिक सुख-सुविधाएं प्राप्त करे। जब इन इच्छित भौतिक सुख-सुविधाओं की प्राप्ति होने लगती है, तो इसी स्थिति को ज्योतिष की भाषा में भाग्योदय कहते हैं । दूसरे शब्दों में जब व्यक्ति अपनी क्षमता के अनुसार इच्छाओं को Read more

आयु के कारक भाव और ग्रह

आयु निर्णय का सबसे अधिक महत्त्व है अर्थात् सर्वप्रथम आयु विचारणीय है। विद्या, विवाह, संतान, सुख, राजयोग और दूसरे सभी शुभाशुभ योगों पर विचार आयु के उपरांत ही करना चाहिए। लगभग सभी प्राचीन ग्रंथों में आयु के संबंध में गंभीरता से लिखा है। सभी आचार्यों ने बालारिष्ट योगों का उल्लेख Read more

रहस्यमय ग्रह है शनि

रहस्यमय ग्रह है शनि शनि को रहस्यपूर्ण ग्रह माना गया है । हिमालय की गुफाओं में निरंतर साधनारत अघोरी और प्रेत-आत्माओं को अपनी उंगलियों पर नचाने वाले तंत्र के पंडित शनि से प्रभावित रहते हैं। रहस्यमयी विद्याओं पर शनि के बाद केतु का प्रभाव है । शव साधक इन दोनों Read more