राजयोग कैसे बनते हैं ?
राजयोग कैसे बनते हैं ? मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं के अध्ययन क्रम में राजयोग यद्यपि अनिवार्य नहीं है, लेकिन इसमें एक आकर्षण अवश्य है । सामान्यतया सभी पुस्तकों में राजयोग का उल्लेख रहता है। यह इसलिए भी आवश्यक है, Read more
राजयोग कैसे बनते हैं ? मानव जीवन के विभिन्न पहलुओं के अध्ययन क्रम में राजयोग यद्यपि अनिवार्य नहीं है, लेकिन इसमें एक आकर्षण अवश्य है । सामान्यतया सभी पुस्तकों में राजयोग का उल्लेख रहता है। यह इसलिए भी आवश्यक है, Read more
भाग्योदय कब होगा ? प्रत्येक मनुष्य की इच्छा होती है कि वह सभी भौतिक सुख-सुविधाएं प्राप्त करे। जब इन इच्छित भौतिक सुख-सुविधाओं की प्राप्ति होने लगती है, तो इसी स्थिति को ज्योतिष की भाषा में भाग्योदय कहते हैं । दूसरे Read more
आयु निर्णय का सबसे अधिक महत्त्व है अर्थात् सर्वप्रथम आयु विचारणीय है। विद्या, विवाह, संतान, सुख, राजयोग और दूसरे सभी शुभाशुभ योगों पर विचार आयु के उपरांत ही करना चाहिए। लगभग सभी प्राचीन ग्रंथों में आयु के संबंध में गंभीरता Read more
रहस्यमय ग्रह है शनि शनि को रहस्यपूर्ण ग्रह माना गया है । हिमालय की गुफाओं में निरंतर साधनारत अघोरी और प्रेत-आत्माओं को अपनी उंगलियों पर नचाने वाले तंत्र के पंडित शनि से प्रभावित रहते हैं। रहस्यमयी विद्याओं पर शनि के Read more
कुंडली से रोगों का निर्णय जैसा कि हम अध्ययन कर चुके हैं कि कुंडली का समग्र अवलोकन ही उचित निर्णय दे सकता है। किसी एक योग के आधार पर घोषणा करना उचित नहीं है। रोगों के मामले में मेरी इस Read more
संतान और संतान सुख विवाह की सार्थक परिणति संतान है। अधिकतम मामलों में ऐसा होता भी है। मगर कुछ दंपती संतान का सुख नहीं भोग पाते हैं। चिकित्सकीय भाषा में कहना चाहिए कि ये लोग शारीरिक दृष्टि से संतान प्राप्ति Read more
कुंडली से रोजगार का चुनाव अपनी योग्यताओं और क्षमताओं के अनुसार व्यक्ति अपनी आजीविका के साधन को चुनता है। इसके बावजूद कई बार उसे अपने व्यवसाय में परिवर्तन करना पड़ता है। इसके कई कारण हैं, लेकिन प्रमुख कारण है अपने Read more
कुंडली से जीवनसाथी का चुनाव भारतीय समाज में विवाह को एक प्रमुख संस्कार माना गया है। इसके बिना जीवन को अपूर्ण समझा जाता है। अब से कुछ वर्षों पहले तक एक निश्चित आयु में अभिभावक अपनी संतान के विवाह को Read more
कुंडली से सुंदरता का आंकलन सुंदरता तो देखने वाले की आंखों में होती है। वर्तमान में इस मुहावरे के क्या मायने हैं, यह किसी से छिपा नहीं है । अब सुंदरता के मापदंड बदल गए हैं या तय हो गए Read more
कुंड्ली का वर्गीकृत फलित इसके पहले के अध्याय में फलित की जो विधि लिखी गई है, उसमें कुंडली के समग्र अध्ययन पर बल दिया गया है अर्थात् किसी भी प्रकार का फल देखने से पूर्व हमें कुंडली के बल को Read more