कुंडली के छठे भाव में सभी ग्रहों और राशियों का फलादेश
कुंडली के छठे भाव में सभी ग्रहों और राशियों का फलादेश षष्ठ भाव से मुख्यतः रोग, शत्रु, व्यसन, चोट, घाव, एक्सीडेंट, बीमारी, मानसिक असन्तुलन, माता का दुर्भाग्य, पुत्र एवं भाई का दुर्भाग्य आदि का विचार किया जाता है। ऋण एवं ननिहाल का विचार भी छठे भाव से ही किया जाता Read more









