गोचर विचार

गोचर विचार जातक पर चल रहे वर्तमान समय की शुभाशुभ जानकारी के लिए गोचर विचार सरल और उपयोगी साधन है । गोचर ग्रहों के प्रभाव उनकी राशि परिवर्तन के साथ-साथ बदलते रहते हैं । वर्ष की जानकारी गुरु और शनि से, मास की सूर्य से और प्रतिदिन की चन्द्र गोचर Read more

अन्तर्दशा फल देखने के सूत्र

अन्तर्दशा फल देखने के सूत्र हमने विशद रूप से ग्रहों की महादशा का फल पिछले लेखो में लिख दिया है। जो फल ग्रह अपनी महादशा में करता है वही फल वह अपनी अन्तर्दशा में भी करता है। हां, इतना अवश्य है कि दशानाथ के बदलने से तथा ग्रह की निज Read more

अन्तर्दशा फल देखने के नियम

अन्तर्दशा फल देखने के नियम विंशोत्तरी दशा पद्धति में ग्रह कैसा शुभ तथा कैसा अशुभ फल करते हैं। यह इस अध्याय का विषय है। महर्षि पाराशर इस दशा पद्धति के दाता हैं । इस सर्वोत्तम पद्धति की विशेषता यह है कि यह नैसगिक है अर्थात् ग्रहों का रूप ऐसा पेश Read more

नवग्रह महादशा फल

नवग्रह महादशा फल सूर्य महादशा का फल सूर्य ग्रहों का राजा है, इसलिए “यत्पिण्डे तदे ब्रह्माण्डे” के सिद्धान्तानुसार संसार में भी जो वस्तुएं प्रमुख हैं, ऊंची हैं, बड़ी हैं महत्त्वपूर्ण हैं, मार्मिक हैं, आधारभूत हैं, पालक रूप हैं, प्रतापशाली हैं उन सबका प्रतिनिधित्व सूर्य करता है। यदि सूर्य लग्नेश हो Read more

मीन लग्न की कुण्डली का फलादेश

मीन लग्न की कुण्डली का फलादेश यह राशि चक्र की बारहवीं राशि है। जिसका स्वामी गुरु है। कालपुरुष शरीर में इसका निवास दोनों पैर या पजे है । इसका स्वरूप दो मछलियों में एक के मुख पर दूसरे की पूँछ लगकर गोल बनी है। इसका निवास स्थान नदी, समुद्र एवं Read more

कुम्भ लग्न की कुण्डली का फलादेश

कुम्भ लग्न की कुण्डली का फलादेश राशि चक्र की यह ग्यारहवीं राशि है । कालपुरुष शरीर में इसका निवासस्थान दोनों पिण्डलियाँ हैं, इसका स्वरूप कंधे पर कलश लिए पुरुष के समान है । इसका निवास जल स्थान है । ग्रह ह्रस्व, पुरुषाकार, पश्चिम दिशा की स्वामिनी, क्रूर स्वभाव तथा स्थिर Read more

मकर लग्न की कुंडली का फलादेश

मकर लग्न की कुंडली का फलादेश राशि चक्र की यह दशम राशि है | कालपुरुष शरीर में इसका वास स्थान दोनों घुटने हैं। इसका स्वरूप मृग के सदृश मुख वाला है तथा इसका निवास नदियों में है । यह सम राशि, स्त्री तत्त्व प्रधान, दक्षिण दिशा की स्वामिनी, सौम्य स्वभाव Read more

धनु लग्न की कुण्डली का फलादेश

धनु लग्न की कुण्डली का फलादेश राशि चक्र की यह नवम राशि है जिसे संस्कृत में धन्वी, धनु, चाप और शरासन के नाम से भी पुकारते हैं। काल पुरुष शरीर में जांघों पर इस राशि का प्रभाव रहता है। इसका स्वरूप धनुष हाथ में लिए हुए कमर के ऊपर मनुष्य Read more

वृश्चिक लग्न की कुण्डली का फलादेश

वृश्चिक लग्न की कुण्डली का फलादेश राशि चक्र में इस राशि का स्थान आठवाँ है। कालपुरुष शरीर में यह लिंग अथवा योनि पर अपना अधिकार रखती है। इसका आकार बिच्छू के सदृश है । वृश्चिक का निवास स्थान पत्थर या जहर तथा कृमियों के बिलों में है। यह दीर्घाकार, स्त्री Read more

तुला लग्न की कुण्डली का फलादेश

तुला लग्न की कुण्डली का फलादेश राशि गणना से यह सातवीं राशि है। कालपुरुष शरीर में इसका स्थान नाभि के नीचे का स्थान पेट (या पेडू) है, इसका स्वरूप तराजू हाथ में लिए हुए पुरुष के सदृश है। इसका निवास स्थान व्यापार स्थल है तथा यह दीर्घाकार, पुरुष जाति, पश्चिम Read more