भावार्थ रतनाकर | धनु लग्न | मीन लग्न
धनु लग्न 1. धनुर्लग्ने तु जातस्य पञ्चमस्थ शनेर्दशा । शुभप्रदायोगदेति वदन्ति विभुदोत्तमाः ॥ १ ॥ भावार्थ – पंचम भाव में मेष राशि में स्थित शनि की दशा में धनादि प्राप्ति का शुभ फल होता है । व्याख्या – शनि की Read more









