भावार्थ रत्नाकर | मिथुन लग्न | कन्या लग्न
मिथुन लग्न 1. तृतीयस्थौ रविबुध बुधचाये समागमे । बुधो योगप्रदस्सत्यं युग्मजातस्य भाग्यदः ॥१॥ भावार्थ – यदि मिथुन लग्न में जन्म हो और सूर्य और बुध तृतीय भाव में स्थित हों, तो बुध अपनी दशा भुक्ति में बहुत धनदायक आदि सिद्ध होता है। व्याख्या – बुध के सम्बन्ध में मौलिक बात Read more









