- कुंडली में चंद्रमा से बनने वाले योग
- कुंडली में गुरु से बनने वाले योग
- कुंडली में आयु और मरण योग
- कुंडली में अरिष्ट भंग योग
- कुंडली में लग्न से बनने वाले योग
- मालिका योग
- पंच महापुरुष योग
- कुंडली में सूर्य से बनने वाले योग
- अन्य महत्वपूर्ण ज्योतिष योग
प्रश्न ज्योतिष
- प्रश्न ज्योतिष क्या है ?
- राशियों का वर्गीकरण
- ग्रह की विशेषताएं
- ताजिक दृष्टियां और योग
- भावों के कारकत्व
- प्रश्न की प्रकृति
- लग्न और भावों के बल
- घटनाओं का समय निर्धारण
- प्रश्न कुंडली से रोगी और रोग का ज्ञान
- प्रश्न कुंडली से यात्रा और यात्री का विचार
- प्रश्न कुंडली से चोरी और गायब सामान की वापसी
- प्रश्न कुंडली से विवाह का विचार
- प्रश्न कुंडली से संतान का विचार
- प्रश्न कुंडली से न्यायाधीन विवाद का विचार
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- विविध प्रश्न
अंक ज्योतिष
- अंकों की उत्पत्ति
- अंको की रहस्यमयी शक्ति
- मूलांक 1 के गुण-दोष और भग्यवर्धक उपाय
- मूलांक 2 के गुण-दोष और भग्यवर्धक उपाय
- मूलांक 3 के गुण-दोष और भग्यवर्धक उपाय
- मूलांक 4 के गुण-दोष और भग्यवर्धक उपाय
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- अंक ज्योतिष से भाग्यशाली नाम का चुनाव
- अंक कुण्डली
- मूक प्रश्न
- अंक ज्योतिष से खोजें खोई हुई वस्तु
भावार्थ रत्नाकर
- मेष लग्न | वृश्चिक लग्न
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- मिथुन लग्न | कन्या लग्न
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- अध्याय 2 | धन योग | विद्या | खान-पान
- अध्याय 3 भ्रातृ-भाव |अध्याय 4 वाहन तथा भाग्य | अध्याय 5 शत्रु और रोग
- अध्याय 6 स्त्री और काम | अध्याय 7 आयु और स्वास्थ्य
- अध्याय 8 भाग्य योग | अध्याय 9 राज योग
- अध्याय 10 तीर्थ स्नान | अध्याय 11 मृत्यु योग
- अध्याय 12 दशा के परिणाम
- अध्याय 13 साधारण योग | अध्याय 14 ग्रहमालिका योग | अध्याय 15 ग्रहों का आधिपत्य आदि
- नियम अध्याय
फलित सूत्र
- ज्योतिष के कुछ विशेष नियम
- ग्रह परिचय
- कुंडली के पहले भाव का महत्व
- कुंडली के दूसरे भाव का महत्व
- कुंडली के तीसरे भाव का महत्व
- कुंडली के चौथे भाव का महत्व
- कुंडली के पॉचवें भाव का महत्व
- कुंडली के छठे भाव का महत्व
- कुंडली के सातवें भाव का महत्व
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- कुंडली के दसवें भाव का महत्व
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- कुंडली के बरहवें भाव का महत्व
- दशाफल कहने के नियम
ग्रहों के प्रभाव
- कुंडली में सूर्य का प्रभाव
- कुंडली में चंद्र का प्रभाव
- कुंडली में मंगल का प्रभाव
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फलित ज्योतिष
- पुरुष कुंड्ली फल
- स्त्री कुंड्ली फल
- कुंड्ली में संतान व पुत्र योग
- कुंड्ली में विवाह योग
- कुंड्ली में स्वास्थ्य एवम रोग योग
- कुंड्ली में विद्या एवम नौकरी योग
- कुंडली में वाहन एवम मकान योग
- कुंडली में व्यापार एवम कारोबार रोजगार योग

व्यवसाय का चुनाव और आर्थिक स्थिति
- कुण्डली की वैज्ञानिक व्याख्या
- ग्रहों का व्यवसाय पर प्रभाव
- पाराशरीय धनदायक योग
- लग्नो के विशेष धनादायक ग्रह
- धन प्राप्ति में लग्न का महत्त्व
- विपरीत राजयोग से असाधारण धन
- नीचता भंग राजयोग
- अधियोग से धनप्रप्ति
- स्वामिदृष्ट भाव से धनप्रप्ति
- कारकाख्ययोग से धनप्रप्ति
- सुदर्शन तथा धनबाहुल्य
- शुक्र और धन
- जातक का व्यवसाय
- मित्र, भाई यॉ सम्बंधी – किससे धन लाभ होगा ?
- धन कब मिलेगा ?
- व्यव्साय चुनने की पध्दति
- धन हानि योग

नमस्कार । मेरा नाम अजय शर्मा है। मैं इस ब्लाग का लेखक और ज्योतिष विशेषज्ञ हूँ । अगर आप अपनी जन्मपत्री मुझे दिखाना चाहते हैं या कोई परामर्श चाहते है तो मुझे मेरे मोबाईल नम्बर (+91) 7234 92 3855 पर सम्पर्क कर सकते हैं। धन्यवाद ।
रत्न ज्योतिष
- सूर्य रत्न माणिक
- चंद्र रत्न मोती
- मंगल रत्न मूंगा
- बुध रत्न पन्ना
- बृहस्पति रत्न पुखराज
- शुक्र रत्न हीरा
- शनि रत्न नीलम
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- रत्न एवं ग्रहों के संबंध पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण
- नव ग्रहों के रत्न और उनके गुण दोष
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- रत्नों का बीमारियों पर प्रभाव
- लग्न के अनुसार रत्न धारण का विवेचन
- कुंडली देख कर रत्न का चुनाव करना सीखिये
ग्रह गोचर
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- कालसर्प योग का परिचय और प्रभाव
- क्यों विरोध करते हैं ज्योतिषी कालसर्प योग का?
- काल सर्प योग शांति
- सर्पशाप और कालसर्प योग
- मंगलीक दोष कारण और निवारण
- विधवापन को हटाने वाला घट – विवाह
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- सुखी जीवन के लिये टोटके और मंत्र
- भाग्यवर्धक अंक यंत्र
- क्या ज्योतिष उपाय भाग्य बदल सकता है ?
- लाल किताब आधारित दोष एवं उसके उपाय
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ज्योतिष सीखें
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हस्तरेखा विज्ञान
- हाथों की बनावट और प्रकार
- अंगूठे की बनावट और प्रकार
- हाथ की रेखाएं
- पर्वत उनकी स्थितियां व विशेषताएं
- उंगलियां एवं उंगलियों के जोड़
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हस्तरेखा शास्त्र
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- हाथ की बनावट एवम प्रकार
- हाथ, हथेली तथा उंगलियां
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रोग ज्योतिष
- कुंड्ली में रोग देखने के स्वर्णिम सूत्र
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दशाफल रहस्य