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मेष लग्न का फलदेश
- मेष लग्न में सूर्य का फलादेश
- मेष लग्न में चन्द्रमा का फलादेश
- मेष लग्न में मंगल का फलादेश
- मेष लग्न में बुध का फलादेश
- मेष लग्न में गुरु का फलादेश
- मेष लग्न में शुक्र का फलादेश
- मेष लग्न में शनि का फलादेश
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- मेष लग्न के योग
वृष लग्न का फलदेश
- वृष लग्न में सूर्य का फलादेश
- वृष लग्न में चंद्रमा का फलादेश
- वृष लग्न में मंगल का फलादेश
- वृष लग्न में बुध का फलादेश
- वृष लग्न में गुरु का फलादेश
- वृष लग्न में शुक्र का फलादेश
- वृष लग्न में शनि का फलादेश
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मिथुन लग्न का फलदेश
- मिथुन लग्न में सूर्य का फलदेश
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- मिथुन लग्न में बुध का फलादेश
- मिथुन लग्न में गुरु का फलादेश
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कर्क लग्न का फलदेश
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सिह लग्न का फलदेश
- सिंह लग्न में सूर्य का फलादेश
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कन्या लग्न का फलदेश
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तुला लग्न का फलदेश
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वृश्चिक लग्न का फलदेश
- वृश्चिक लग्न में सूर्य का फलादेश
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- वृश्चिक लग्न में बुध का फलादेश
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धनु लग्न का फलदेश
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मकर लग्न का फलदेश
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कुंभ लग्न का फलदेश
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मीन लग्न का फलादेश
- मीन लग्न में सूर्य का फलादेश
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कुंडली दर्पण
- लग्न में सभी ग्रहों और राशियों का फलादेश
- दूसरे भाव में सभी ग्रहों और राशियों का फलादेश
- तीसरे भाव में सभी ग्रहों और राशियों का फलादेश
- चौथे भाव में सभी ग्रहों और राशियों का फलादेश
- कुंडली के पांचवें भाव में सभी ग्रहों और राशियों का फलादेश
- कुंडली के छठे भाव में सभी ग्रहों और राशियों का फलादेश
- कुंडली के सातवें भाव में सभी ग्रहों और राशियों का फलादेश
- कुंडली के आठवें भाव में सभी ग्रहों और राशियों का फलादेश
- कुंडली के नवें भाव में सभी ग्रहों और राशियों का फलादेश
- कुंडली के दसवें भाव में सभी ग्रहों और राशियों का फलादेश
- कुंडली के ग्यारहवें भाव में सभी ग्रहों और राशियों का फलादेश
- कुंडली के बारहवें भाव में सभी ग्रहों और राशियों का फलादेश

नमस्कार । मेरा नाम अजय शर्मा है। मैं इस ब्लाग का लेखक और ज्योतिष विशेषज्ञ हूँ । अगर आप अपनी जन्मपत्री मुझे दिखाना चाहते हैं या कोई परामर्श चाहते है तो मुझे मेरे मोबाईल नम्बर (+91) 7234 92 3855 पर सम्पर्क कर सकते हैं। धन्यवाद ।
फलित प्रदीपिका
- मेष लग्न की कुंड्ली का फल
- वृष लग्न की कुंड्ली का फल
- मिथुन लग्न की कुंडली का फलादेश
- कर्क लग्न की कुंड्ली का फल
- सिंह लग्न की कुंड्ली का फल
- कन्या लग्न की कुंड्ली का फल
- तुला लग्न की कुंड्ली का फल
- वृश्चिक लग्न की कुंड्ली का फल
- मकर लग्न की कुंडली का फलादेश
- कुम्भ लग्न की कुंड्ली का फल
- मीन लग्न की कुंड्ली का फल
ज्योतिष योग
- ज्योतिष योगों के आधारभूत नियम
- फलादेश के सामान्य नियम
- कुंड्ली में राजयोग और धनयोग
- कुंड्लि में दरिद्र योग
- कुंड्ली में विवाह योग
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- विविध ज्योतिष योग
- मेष लग्न के योग
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भावार्थ रत्नाकर
- मेष लग्न | वृश्चिक लग्न
- वृषभ लग्न | तुला लग्न
- मिथुन लग्न | कन्या लग्न
- कर्क लग्न | सिंह लग्न
- धनु लग्न | मीन लग्न
- मकर लग्न | कुंभ लग्न
- अध्याय 2 | धन योग | विद्या | खान-पान
- अध्याय 3 भ्रातृ-भाव |अध्याय 4 वाहन तथा भाग्य | अध्याय 5 शत्रु और रोग
- अध्याय 6 स्त्री और काम | अध्याय 7 आयु और स्वास्थ्य
- अध्याय 8 भाग्य योग | अध्याय 9 राज योग
- अध्याय 10 तीर्थ स्नान | अध्याय 11 मृत्यु योग
- अध्याय 12 दशा के परिणाम
- अध्याय 13 साधारण योग | अध्याय 14 ग्रहमालिका योग | अध्याय 15 ग्रहों का आधिपत्य आदि
- नियम अध्याय
फलित सूत्र
- ज्योतिष के कुछ विशेष नियम
- ग्रह परिचय
- कुंडली के पहले भाव का महत्व
- कुंडली के दूसरे भाव का महत्व
- कुंडली के तीसरे भाव का महत्व
- कुंडली के चौथे भाव का महत्व
- कुंडली के पॉचवें भाव का महत्व
- कुंडली के छठे भाव का महत्व
- कुंडली के सातवें भाव का महत्व
- कुंडली के आठवें भाव का महत्व
- कुंडली के नौवें भाव का महत्व
- कुंडली के दसवें भाव का महत्व
- कुंडली के ग्यारहवें भाव का महत्व
- कुंडली के बरहवें भाव का महत्व
- दशाफल कहने के नियम
ग्रहों के प्रभाव
- कुंडली में सूर्य का प्रभाव
- कुंडली में चंद्र का प्रभाव
- कुंडली में मंगल का प्रभाव
- कुंडली में बुध का प्रभाव
- कुंडली में बृहस्पति का प्रभाव
- कुंडली में शुक्र का प्रभाव
- कुंडली में शनि का प्रभाव
- कुंडली में राहु और केतु का प्रभाव
फलित ज्योतिष
- पुरुष कुंड्ली फल
- स्त्री कुंड्ली फल
- कुंड्ली में संतान व पुत्र योग
- कुंड्ली में विवाह योग
- कुंड्ली में स्वास्थ्य एवम रोग योग
- कुंड्ली में विद्या एवम नौकरी योग
- कुंडली में वाहन एवम मकान योग
- कुंडली में व्यापार एवम कारोबार रोजगार योग

व्यवसाय का चुनाव और आर्थिक स्थिति
- कुण्डली की वैज्ञानिक व्याख्या
- ग्रहों का व्यवसाय पर प्रभाव
- पाराशरीय धनदायक योग
- लग्नो के विशेष धनादायक ग्रह
- धन प्राप्ति में लग्न का महत्त्व
- विपरीत राजयोग से असाधारण धन
- नीचता भंग राजयोग
- अधियोग से धनप्रप्ति
- स्वामिदृष्ट भाव से धनप्रप्ति
- कारकाख्ययोग से धनप्रप्ति
- सुदर्शन तथा धनबाहुल्य
- शुक्र और धन
- जातक का व्यवसाय
- मित्र, भाई यॉ सम्बंधी – किससे धन लाभ होगा ?
- धन कब मिलेगा ?
- व्यव्साय चुनने की पध्दति
- धन हानि योग
रत्न ज्योतिष
- रत्न एवं ग्रहों के संबंध पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण
- नव ग्रहों के रत्न और उनके गुण दोष
- उपरत्नों का महत्व ऐवम उपयोग
- रत्नों का बीमारियों पर प्रभाव
- कुंडली देख कर रत्न का चुनाव करना सीखिये
- लग्न के अनुसार रत्न धारण का विवेचन
- सूर्य रत्न माणिक
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ग्रह गोचर
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- अन्तर्दशा फल कहने के नियम
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- शनि की साढ़े साती – एक विवेचन
ग्रह शांति प्रयोग
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- ग्रहों की विशेषताएं
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- क्यों विरोध करते हैं ज्योतिषी कालसर्प योग का?
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- मंगलीक दोष कारण और निवारण
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- क्या ज्योतिष उपाय भाग्य बदल सकता है ?
- लाल किताब आधारित दोष एवं उसके उपाय
- लाल किताब के उपाय
- रुद्राक्ष की सम्पूर्ण जानकारी
- यंत्र पूजा के रहस्य और लाभ
- ज्योतिष में शंख के उपाय एवम प्रयोग
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ज्योतिष सीखें
- कुंडली का सामान्य फलित
- लग्न और लग्नेश
- नव ग्रहों के कारकत्व
- सूर्य लग्न, चंद्र लग्न और उदय लग्न के बलाबल
- अस्त ग्रह
- दशाफल
- कुंड्ली का वर्गीकृत फलित
- कुंडली से सुंदरता का आंकलन
- कुंडली से जीवनसाथी का चुनाव
- कुंडली से रोजगार का चुनाव
- संतान और संतान सुख
- कुंडली से रोगों का निर्णय
- रहस्यमय ग्रह है शनि
- आयु के कारक भाव और ग्रह
- भाग्योदय कब होगा ?
- राजयोग कैसे बनते हैं ?
- गोचर से फलित कैसे करें ?
हस्तरेखा विज्ञान
- हाथों की बनावट और प्रकार
- अंगूठे की बनावट और प्रकार
- हाथ की रेखाएं
- पर्वत उनकी स्थितियां व विशेषताएं
- उंगलियां एवं उंगलियों के जोड़
- नाखूनों द्वारा स्वभाव का ज्ञान
- जीवन रेखा
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- विवाह रेखा और सन्तान रेखा
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- बृहत् त्रिकोण और चतुष्कोण
- यात्रा रेखा | दुर्घटना रेखा
- हत्या | आत्महत्या करने वालों का हाथ
- पागलपन की विभिन्न अवस्थाएं
- समय विभाजन की विधि
- हाथ किस प्रकार देखना चाहिये
हस्तरेखा शास्त्र
- हस्तरेखा शास्त्र
- हाथ की बनावट एवम प्रकार
- हाथ, हथेली तथा उंगलियां
- अंगूठा तथा अंगूठे के भाग
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रोग ज्योतिष
- कुंड्ली में रोग देखने के स्वर्णिम सूत्र
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- कुंडली में उदर रोग देखने के सूत्र
- कुंडली में यौन रोग देखने के सूत्र
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- कुंडली में गुर्दा रोग देखने के सूत्र
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- कैंसर में प्रभावशाली उपाय
- रोगों के अनुसार रत्नों का चुनाव
- कुंडली में क्षय रोग देखने के सूत्र
दशाफल रहस्य
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- दशाफल देखने के लिये कुछ अनुभूत सूत्र
- लग्नों के शुभ अशुभ ग्रह
- दशाफल देखने के लिये सुदर्शन का प्रयोग
- अन्तर्दशा की घटनाओं का निर्णय – 1
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- दशाफल रहस्य
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- सूर्य ग्रह शांति के मंत्र, स्त्रोत्र और उपाय PDF
- चंद्र ग्रह शांति के मंत्र, स्त्रोत्र और उपाय PDF
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